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खिलाड़ी नहीं, यह नया दोस्त रहा बांग्लादेश पर इंग्लैंड की जीत का हीरो

Wed, 26 Oct 2016 10:05 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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इंग्लैंड - फोटो : getty
सोमवार को बांग्लादेश क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ इतिहास रचने से केवल 22 रन से चूक गई। इंग्लैंड को मिली जीत में इंग्लैंड के खिलाड़ियों से ज्यादा उनके एक दोस्त ने बड़ी भूमिका अदा की। 

 
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खिलाड़ी नहीं, यह नया दोस्त रहा बांग्लादेश पर इंग्लैंड की जीत का हीरो

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इंग्लैंड - फोटो : getty
बांग्लादेश की हार के लिए न तो बल्लेबाज जिम्मेदार थे और न ही उसके गेंदबाज। बल्कि मॉर्डन तकनीक बांग्लादेश की हार का कारण बनी। बांग्लादेश और इंग्लैंड के बीच चिटगांव में खेले गए टेस्ट मैच 26 बार डीआरएस का उपयोग हुआ। जिसमें से 11 निर्णय इंग्लैंड के फेवर में और 7 विरोध में गए। 26 में से केवल 4 निर्णय बांग्लादेश के पक्ष में गए। 

 
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मोईन अली - फोटो : getty
इस मैच में डीआरएस का सबसे ज्यादा उपयोग  इंग्लैंड के खिलाड़ी मोइन अली के खिलाफ हुआ। मोइन ने शानदार अर्धशतक जड़कर पहली पारी में इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

 

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बांग्लादेश - फोटो : getty
इंग्लैंड के पक्ष में 5 सफल रिव्यू बैटिंग करते वक्त आए। जिनमें से तीन तो नाटकीय रूप से 6 गेंदों के अंतराल में ही इंग्लैंड ने ले लिए। उस दौरान मोइन अली बल्लेबाजी कर रहे थे। इस दौरान तीन बार अंपायर कुमार धर्मसेना ने शाकिब अल हसन के एक ही ओवर में तीन बार अली को एलबीडब्ल्यू करार दिया। तीनों बार अली ने अंपायर के निर्णय को चुनौती दी और तीनों बार वह सफल रहे। अली के खिलाफ ही दो बार बांग्लादेश ने रिव्यू लिया और दोनों ही बार यह इंग्लैंड के पक्ष में गया। इस तरह जब कभी बात डीआरएस की आई सुई हर बार इंग्लैंड की ओर ही झुकी। 

 
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इंग्लैंड - फोटो : getty
बांग्लादेश को 13 डीआरएस रिव्यू में से केवल 4 बार सफलता मिली। भले ही दोनों टीमों के डीआरस की सफलता के सक्सेस रेट में फर्क है। लेकिन इस मैच में डीआरएस के इस्तेमाल से यह बात फिर साबित हो गई कि लो स्कोरिंग मैचों में डीआरएस अहम भूमिका निभाता है। यदि इस मैच में डीआरएस न होता तो अंपायर के गलत नतीजों के कारण बांग्लादेश इंग्लैंड को हराकर इतिहास रच देता। 
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