मुल्तान का सुल्तान नाम से जाने जाने वाले ट्विटर किंग वीरेंद्र सहवाग और आशीष नेहरा की दोस्ती जग जाहिर है। चाहे ट्विटर हो या कॉमेंट्री बॉक्स सहवाग नेहरा के साथ ठिठोली करने और उनका मजाक उड़ाने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं। सहवाग ने ही पहले आशीष नेहरा को 'नेहराजी' नाम दिया इसके बाद उन्हें उनके 38वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए भारतीय क्रिकेट का पितामह भी बना दिया।
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इन पांच वजहों से 'नेहराजी' को भारतीय क्रिकेट का पितामह कहते हैं सहवाग
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आशीष नेहरा
- फोटो : twitter
सहवाग के नेहरा को पितामह कहने की भी कई ठोस वजहें हैं। सबसे पहली वजह ये है कि नेहरा भारत में सबसे ज्यादा कप्तानों के साथ खेलने का रिकॉर्ड है। 1999 में अजहरुद्दीन की कप्तानी में करियर शुरू करने वाले नेहरा भारत के सात कप्तानों के साथ खेले। इसके आलावा एशिया इलेवन के लिए वो इंजमाम की कप्तानी में भी खेले ऐसे में कप्तानों की संख्या आठ हो जाती है।
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आशीष नेहरा
- फोटो : bcci
आशीष नेहरा ने टेस्ट डेब्यू से जुड़ी सबसे रोचक बात यह है कि नेहरा के टेस्ट डेब्यू के बाद भारतीय टीम के वर्तमान मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने टेस्ट डेब्यू किया था। इस लिहाज से नेहरा पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एमएसके प्रसाद के सीनियर हैं। उसी तरह टीम इंडिया के वर्तमान बैटिंग कोच संजय बागर ने भी अपना पहला टेस्ट नेहराजी के डेब्यू के बाद खेला था।
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आशीष नेहरा
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जब नेहरा ने टेस्ट डेब्यू किया था तब भी श्रीलंका के कप्तान श्रीलंका को 1996 में विश्वचैंपियन बनाने वाले अर्जुना रणातुंगा ही थे। उस वक्त बांग्लादेश को भी टेस्ट स्टेटस हासिल नहीं हुआ था। उनसे पहले डेब्यू करने वाला कोई भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर फिलहाल एक्टिव नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई चाईनामैन ब्रैडहॉग ने भी नेहरा के बाद अंतराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान कोच डेरल लेहमन ने भी उस वक्त तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला था।
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आशीष नेहरा
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली जिनकी कप्तानी में नेहरा दिल्ली में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने जा रहे हैं। नेहरा के टेस्ट डेब्यू की तारीख में विराट महज दस साल के थे। इसके अलावा टीम में उनके साथ खेलने वाले कुलदीप यादव महज 4 साल के थे। वहीं दिल्ली में नेहरा के फेयरवेल मैच में डेब्यू करने वाले 22 वर्षीय श्रेयस अय्यर महज 5 साल के थे।
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आशीष नेहरा
- फोटो : IPL
नेहरा ने अपने करियर के सभी 17 टेस्ट तब तक खेल लिए थे जब टी-20 क्रिकेट की शुरुआत भी नहीं हुई थी। नेहरा ने अपने करियर का आखिरी टेस्ट 25 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अप्रैल 2004 में रावलपिंडी में खेला था। जबकि पहला टी-20 मैच 5 अगस्त 2004 को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेला गया था।