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बयान में आगे कहा गया, 'सरहद पर जवान हमारी रक्षा करते हैं, तभी हम चैन से रातों को सो पाते हैं। हमारा कोई भी कदम जवानों के इस बलिदान की भरपाई नहीं कर सकता है। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम शहीदों के परिवारों के जीवन में कुछ परिवर्तन लाने के लिए मदद कर पाए।'