एमएस धोनी
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11 सीजन में 10 प्लेऑफ, 8 फाइनल, तीन टाइटल जीत चुकी चेन्नई का प्रदर्शन पिछले साल बेहद निराशाजनक रहा था। टीम नीचे से दूसरे यानी सातवें पायदान पर थी। धोनी का बल्ला भी खामोश ही रहा था। 14 मैच में 25 की औसत और 116.27 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 200 रन ही बनाए थे। यह धोनी के आईपीएल इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन भी था।