फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीसंत अभी क्रिकेट खेल नहीं पाएंगे, बैन मसले पर बीसीसीआई केरल हाईकोर्ट जाएगी 

Thu, 10 Aug 2017 12:42 PM IST
amarujala.com-presented by: शरद मिश्र
विज्ञापन
1 of 6
एस श्रीसंत - फोटो : ESPN
केरल हाईकोर्ट ने क्रिकेटर एस.श्रीसंत पर लगा बीसीसीआई का बैन भले ही हटा दिया हो लेकिन अभी उनकी राह की मुश्किल कम नहीं हुई है। बीसीसीआई ने अब स्पॉट फिक्सिंग के मसले में केरल हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। केरल उच्‍च न्यायालय ने हाल ही में श्रीसंत पर बीसीसीआई के बैन को हटा दिया है। आईपीएल के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बीसीसीआई ने क्रिकेटर पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था। अंतिम टी-20 मैच श्रीसंत ने साल 2008 में खेला था। केरल के इस क्रिकेटर ने अंतिम एकदिवसीय मैच और टेस्ट मैच 2011 में खेला था।  
विज्ञापन

श्रीसंत केरल हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच खेलने वाले थे

2 of 6
एस श्रीसंत
बीसीसीआई के इस फैसले के बाद श्रीसंत को झटका लग सकता है। श्रीसंत केरल हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच खेलने वाले थे। ऐसा करके वह दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम में चयन के लिए अपना दावा भी ठोंक सकते थे। 34 साल के इस क्रिकेटर ने अपने कैरियर में 27 टेस्ट, 53 एक दिवसीय और 10 टी-20 मैच खेले हैं। श्रीसंत को 2007 का विश्व कप टी-20 फाइनल और 2011 का विश्व कप फाइनल खेलने का मौका भी मिला था।  
विज्ञापन

श्रीसंत ने आजीवन प्रतिबंध हटाने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था

3 of 6
एस श्रीसंत
श्रीसंत ने खुद पर से आजीवन प्रतिबंध हटाने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। श्रीसंत की याचिका पर केरल हाईकोर्ट ने इससे पहले बीसीसीआई को नोटिस भेजा था। हाल ही में उसने पिछली अदालती कार्यवाही का हवाला देते हुए श्रीसंत से बैन हटा दिया है। 

एस श्रीसंत और अजीत चंदीला और अंकित चवाण पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे

4 of 6
sreesanth - फोटो : pti
आपको बता दें कि साल 2013 में आईपीएल मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और उनके दो अन्य साथियों अजीत चंदीला और अंकित चवाण पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे। श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चवाण को हिरासत में लिया गया था। इन सभी को IPLके दौरान स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में बीसीसीआई ने दोषी पाया था।
विज्ञापन

बोर्ड की जांच में सभी आरोप सही पाए गए

5 of 6
एस श्रीसंत
बोर्ड की जांच में सभी आरोप सही पाए गए और श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि, 2015 में दिल्ली की अदालत ने श्रीसंत को सबूत को अभाव में ‘मकोका’ एक्ट के तहत स्पॉटफिक्सिंग के आरोपों से मुक्त कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीसीसीआई ने मैचों में खेलने के लिए श्रीसंत को एनओसी नहीं दी थी

6 of 6
एस,श्रीसंत - फोटो : PTI
स्पाट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध लगाये जाने के बाद श्रीसंत कोई भी मैच खेलने में असमर्थ थे। उनको इस साल केरल में दो दिवसीय प्रथम श्रेणी मैच खेलना है। इसके अलावा इससे पहले इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेलना है। बीसीसीआई ने इन मैचों में खेलने के लिए श्रीसंत को एनओसी नहीं दी थी। इससे उनका क्रिकेट कैरियर अधर में लटक गया था।

बीसीसीआई के इस रूख से श्रीसंत काफी परेशान थे। उनका कहना था कि लाइफ बैन पर मुझे कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। पत्र भी नहीं दिया गया। ऐसे में मुझे खेलने से कौन रोक सकता है?  तिहाड़ के दौरान मुझे संस्पेशन का पत्र दिया गया था। वह महज 90 दिनों तक मान्य होता है। लिहाजा अब मेरे खेलने पर कोई पाबंदी नहीं हो सकती। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें