पिछले सप्ताह काबुल में जब बंदूक की गोलियों की आवाजें सुनाई दी तो लोग फिर एकबारगी आतंकवादी हमले की आशंका में सिहर उठे लेकिन असल में क्रिकेटप्रेमी विश्व कप के अभ्यास मैच में अफगानिस्तान की पाकिस्तान पर जीत का जश्न मना रहे थे।
उस रात पिस्तौल, शाटगन और एके 47 से निकली आवाजों से पूरा आकाश गूंज उठा था।
यह सिर्फ एक मैच में मिली जीत का जश्न नहीं था बल्कि जिंदगी और माहौल बदलने की खुशी थी। इस जीत ने यह बानगी भी पेश की कि युद्ध की विभीषिका झेल चुके इस मुल्क ने कितना लंबा सफर तय किया है।