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टी-20 वर्ल्ड कप के 5 सफर की 7 खास बातें

Tue, 08 Mar 2016 06:02 PM IST
सुरेंद्र कुमार वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : getty
क्रिकेट के सबसे नए और फटाफट कहे जाने वाले टी-20 का महाकुंभ आज से भारत में शुरू हो गया। भारत पहली बार इस खेल की मेजबानी कर रहा है और पिछले 5 संस्करणों में एक भी बार मेजबान टीम को चैंपियन बनने का गौरव हासिल नहीं हुआ।

लेकिन इस समय धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया जिस तरह से खेल दिखा रही है उसे देखकर तो यही लगता है कि किसी मेजबान टीम का वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना इस बार पूरा हो सकता है। हालांकि साल 2016 में 11 में से 10 जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया के लिए आगे की राह आसान नहीं दिख रही उसे कड़ी चुनौती मिल सकती है। फिलहाल यह तो वक्त ही बताएगा कि अगला चैंपियन कौन होगा?

हम अगले चैंपियन के बारे में बाद में बात करेंगे, इससे पहले आपको बताने जा रहे हैं कि फटाफट खेल की वो 7 खास बातें जो पिछले 5 संस्करणों में हुए हैं।
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जब बहस के बाद युवराज सिंह ने 12 गेंदों में ठोंक दी फिफ्टी

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युवराज सिंह - फोटो : getty
शुरुआत, 2007 के पहले ही टी-20 वर्ल्ड कप से करते हैं जो दक्षिण अफ्रीका में खेला गया था। टूर्नामेंट के लीग चरण में भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबले में युवराज सिंह के लगाए 12 गेंदों में तूफानी अर्धशतक को लोग आज भी याद करते हैं। 12 गेंदों में धुआंधार अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड तो आज तक कायम है लेकिन इसी रिकॉर्ड में बाएं हाथ के इस धाकड़ बल्लेबाज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार 6 छक्के जड़ने का कारनामा कर दिखाया था। युवराज और इंग्लिश कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बीच बहस के बाद अगले ही ओवर में टीम के उभरते गेंदबाज को अपना निशाना बनाया और लगातार 6 छक्के ठोंक दिए।
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गेल के बल्ले से निकला पहला टी-20 शतक और ब्रेट ली ने बनाई हैट्रिक

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ब्रेट ली - फोटो : getty
दूसरी खास बात भी पहले ही वर्ल्ड कप से जुड़ा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला शतक और हैट्रिक बना था। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने वाले कैरेबियाई बल्लेबाज क्रिस गेल ने 57 गेंदों में 117 रनों की शतकीय पारी खेली जो वर्ल्ड कप का पहला शतक रहा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई इस पारी में गेल ने 10 छक्के भी लगाए थे। दूसरी ओर, इस टूर्नामेंट में गेंदबाजों ने भी कहर ढाया। ऑस्ट्रेलिया के तूफानी गेंदबाज ब्रेट ली ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हैट्रिक बनाई। उनकी यह हैट्रिक बांग्लादेश के खिलाफ आई थी।

मिस्बाह के खराब शॉट से भारत बना पहला चैंपियन

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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
तीसरी खास बात भी 2007 के वर्ल्ड कप से ही जुड़ी है। फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं। आईसीसी के किसी टूर्नामेंट में ऐसा पहली बार हुआ जब खेल के मैदान की दो चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें खिताबी जंग में शामिल हुई थीं। लीग मैच में दोनों के बीच मुकाबला टाई रहा लेकिन बॉल आउट से फैसला टीम इंडिया के पक्ष में गया। फाइनल में पाक टीम भारत से मिली हार का बदला लेने उतरी थी लेकिन उसे वहां भी हार मिली। हार से पहले यह मैच बेहद कांटे का रहा, खिलाड़ियों पर तनाव था तो मैच देखने वाले प्रशंसकों की सांसें थमी हुई थीं। अंतिम 4 गेंदों पर पाक को जीत के लिए 6 रन चाहिए थे, लेकिन तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा की गेंद पर बल्लेबाज मिस्बाह-उल-हक स्कूप शॉट खेलने के चक्कर में शॉट हवा में खेल बैठे जिसे श्रीसंत ने आसानी से लपक लिया और इसी कैच के साथ ही भारत वर्ल्ड चैंपियन बन गया था। वहीं पाक जीत के करीब पहुंचकर भी भारत को नहीं हरा सका और उसका आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट में टीम इंडिया को हराने का सपना अधूरा रह गया जो आज भी कायम है।
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आखिरकार 2009 में चैंपियन बन ही गया पाकिस्तान

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- फोटो : getty
चौथा, 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के हाथों हार के बाद पाकिस्तान 2009 के वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंचने में सफल रहा। इस बार यह महाकुंभ इंग्लैंड में खेला गया। पिछली बार खिताबी जीत का मौका गंवाने के बाद पाक लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर और वर्ल्ड चैंपियन बनने में कामयाब रहा। 12 टीमों के टूर्नामेंट में पाक और श्रीलंका के बीच खिताबी मुकाबला खेला गया जिसमें पाक विजयी रहा और उसने श्रीलंका से पिछली हार का बदला भी ले लिया। जीत के नायक रहे शाहिद अफरीदी ने 54 गेंदों की नाबाद पारी खेली जिसने पाक टीम को 8 गेंद शेष रहते चैंपियन बना दिया। इससे पहले अफरीदी ने सेमीफाइनल में भी ऑलराउंड प्रदर्शन किया जिससे लीग मुकाबले के सभी मैच जीतने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम को हरा दिया। अफरीदी ने 51 रन बनाने के बाद 16 रन देकर 2 विकेट भी झटके थे।
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वनडे वर्ल्ड कप ने तोड़ा पाक का दिल, 10 महीने ही रह पाया चैंपियन

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पांचवां, 1992 में वनडे का वर्ल्ड कप जीतने के 17 साल बाद पाकिस्तान फिर से वर्ल्ड चैंपियन (टी-20) बना लेकिन उसकी किस्मत बेहद खराब रही क्योंकि उसे सिर्फ 10 महीने के लिए ही चैंपियन बनने का गौरव मिला। हुआ यह कि तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप जो 2011 में होना था लेकिन इसी साल वनडे का वर्ल्ड कप भी खेला जाना था और एक साल में दो वर्ल्ड कप से आयोजकों को काफी नुकसान होने का डर था ऐसे में आईसीसी को अपने नियमों में फेरबदल करना पड़ा और टी-20 वर्ल्ड कप एक साल पहले ही या यूं कहे 10 महीने के अंदर कराना पड़ा। पाक टीम के कई खिलाड़ियों को यह नागवार गुजरा लेकिन वर्ल्ड कप हुआ इसी साल। वेस्टइंडीज में हुए महाकुंभ में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीम फाइनल में पहुंची जिसमें इंग्लैंड चैंपियन बनने में कामयाब रहा। इस तरह से इंग्लैंड पहली बार आईसीसी का कोई वर्ल्ड कप खिताब का सूखा खत्म कराने में सफल हो गया। पाकिस्तान लगातार तीसरी बार फाइनल पहुंचा लेकिन उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार मिली।
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33 साल बाद कैरेबियाई टीम बनी वर्ल्ड चैंपियन

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छठा, टी-20 वर्ल्ड कप का चौथा संस्करण श्रीलंका में खेला गया और बतौर मेजबान श्रीलंका की टीम फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी लेकिन उसे उपविजेता के रूप में संतोष करना पड़ा। 1979 यानी पूरे 33 साल के बाद वेस्टइंडीज वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल करने में सफल रहा। तीन दशक के बाद मैदान पर कैरेबियाई डांस देखने को मिला। खिताबी जीत के बाद क्रिस गेल ने गंगनम डांस करके जश्न मनाया। फाइनल में ऑलराउंडर मार्लोन सैमुअल्स ने जोरदार खेल दिखाया और 56 गेंदों में 78 रन बनाने के बाद 15 रन देकर एक विकेट लिया और टीम को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया।
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सभी मैच जीतने के बाद फाइनल में ही हार गई टीम इंडिया

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सातवां, टी-20 वर्ल्ड कप का पांचवां संस्करण बांग्लादेश में खेला गया जिसमें भारत और श्रीलंका की टीम फाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। 2 फाइनल में हार के बाद श्रीलंका इस बार वर्ल्ड चैंपियन बनने में कामयाब रहा। भारत दूसरी बार फाइनल में पहुंचा लेकिन उसे उपविजेता के रूप में संतोष करना पड़ा। टूर्नामेंट में भारत सिर्फ एक मैच हारा और वह भी फाइनल में। जबकि 19 साल के बाद श्रीलंका क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर सका। 
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