क्रिकेट को उतार-चढ़ाव वाला खेल कहा जाता है, इसमें कोई भी खिलाड़ी कभी भी अपनी चमक बिखेर सकता है। क्रिकेट में ऐसी ढेरों घटनाएं हुई हैं जिसमें गेंदबाजों ने अपने मुख्य काम से अलग बल्लेबाजी में तो बल्लेबाजों ने गेंदबाजी में कमाल किया है।
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जब गेंदबाजों ने क्रिकेट को बनाया 'उलटफेर का खेल', बल्ले से किया कमाल
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विराट कोहली
- फोटो : PTI
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने में अभी थोड़ा वक्त है और ऐसे में हम आज आपको कुछ खास बात बताने जा रहे हैं। आइए, कुछ ऐसी ही बेहद अनोखी पारियों के बारे में जानते हैं जिसमें गेंदबाजों ने अप्रत्याशित खेल दिखाते हुए बल्लेबाजी में कमाल कर दिखाया और विपक्षी टीम के गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिया।
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अजित अगरकर
- फोटो : Getty
पुछल्ले बल्लेबाजों में बड़ी पारी खेलने वालों में बड़ा नाम अजित अगरकर का भी है। टीम इंडिया में वह बतौर तेज गेंदबाज खेलते थे, लेकिन कभी-कभार उन्होंने बल्ले से भी कमाल दिखाया। लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्होंने शानदार शतक ठोंक दिया।
25 जुलाई, 2002 को उन्होंने मैच की चौथी पारी में आठवें नंबर पर आकर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया था। अगरकर ने नाबाद 109 रन बनाए जिसके लिए 238 मिनट तक बल्लेबाजी करते हुए 190 गेंदें खेल डाली, लेकिन उनकी यह पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। दिलचस्प है कि अगरकर के टेस्ट करियर में यही एक पारी है जिसमें उन्होंने 50 से ज्यादा की पारी खेली है।
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वसीम अकरम
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बतौर तेज गेंदबाज सबसे ठोस बल्लेबाजी करने के मामले में एक अनोखा रिकॉर्ड पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम के नाम भी दर्ज है। बाएं हाथ के इस क्रिकेटर ने 1996 में खेशपुरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच में 257 रनों की पारी खेल डाली।
अपनी इस दोहरी शतकीय पारी के दौरान अकरम ने 12 छक्के जड़े जो आज भी किसी टेस्ट की एक पारी में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड है। अकरम ने सकलैन मुश्ताक के साथ 313 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की जिससे पाक ने 553 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। टेस्ट में आठवें नंबर पर 257 रनों की यह पारी अब तक की सबसे बड़ी पारी भी है। हालांकि उनकी पारी ने टीम को हार से बचा लिया और मैच ड्रॉ पर खत्म हो गया। जबकि गेंदबाजी में स्विंग के इस मास्टर ने कुल 916 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए।
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शेन वार्न
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गेंदबाजी से इतर बल्लेबाजी कर प्रशंसकों को हतप्रद करने वालों में ऑस्ट्रेलिया के महान फिरकी गेंदबाज शेन वार्न भी शामिल हैं। वार्न के नाम एक और दिलचस्प रिकॉर्ड है और वह है बिना शतक के सबसे ज्यादा टेस्ट रन (145 टेस्ट, 3154 रन) बनाने का रिकॉर्ड।
वार्न जब अपने गेंदबाजी करियर के शीर्ष पर थे तो उन्होंने 2001 में पर्थ टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ आठवें नंबर पर डटकर बल्लेबाजी करते हुए 157 गेंदों में 99 रनों की पारी खेली जो उनकी सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी भी है।
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जेसन गिलेस्पी
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शुरुआत, ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी से करते हैं जो टीम में बतौर तेज गेंदबाज के रूप में थे। बात 2006 की है जब गिलेस्पी ने चिटगांव टेस्ट मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 201 रनों की नाबाद पारी खेलकर एक रिकॉर्ड ही बना दिया। वह इस मैच में नाइटवॉचमैन के रूप में उतरे थे और वह बतौर नाइटवॉचमैन दोहरा शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
गिलेस्पी ने माइकल हसी के साथ 320 रनों की साझेदारी की और अपनी टीम को 581 रन तक पहुंचा दिया। गिलेस्पी ने 574 मिनट तक बल्लेबाजी की और 425 गेंदें खेली थी। उनकी इस पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने यह पारी अपने बर्थडे (19 अप्रैल) पर खेली थी।
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एश्टन आगर
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ऑस्ट्रेलियाई टीम के युवा क्रिकेटर और फिरकी गेंदबाज एश्टन आगर ने अपने टेस्ट करियर के पहले ही मैच में बल्लेबाजी में रिकॉर्ड बना दिया। 2013 में इंग्लैंड में खेले गए एशेज सीरीज के दौरान ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच में 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 98 रनों की पारी खेल डाली। इस पारी से उनके खाते में कई रिकॉर्ड भी चले गए।
मैच में इंग्लैंड के 215 रनों के जवाब में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही। लेकिन आगर ने फिल ह्यूज (81) के साथ 11वें विकेट के लिए 163 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भी कर डाली। उनकी इस रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को खूब रूला भी दिया था। उनकी इस बल्लेबाजी से आलोचकों ने बड़ा बल्लेबाज ही करार दे दिया, लेकिन उनका टेस्ट करियर कुछ खास नहीं कर सका। कांटेदार मुकाबले में इंग्लैंड यह मैच जीत गया।