अब जरूरतमंदों को इमरजेंसी के मामलों में खून के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दून में बीटेक के एक छात्र ने ऐसा मोबाइल एप बनाने का दावा किया है, जिसके जरिये आसपास के ब्लड डोनर्स को ढूंढना बेहद आसान होगा। अगले एक माह में यह मोबाइल एप राजधानी में काम करने लगेगा।
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chirayu
डीआईटी यूनिवर्सिटी में बीटेक के छात्र चिरायु त्रिपाठी के अनुसार कुछ समय पूर्व फिल्म ‘सुल्तान’ देखते वक्त उन्हें यह आइडिया आया। फिल्म में ओ नेगेटिव खून न मिलने से सुल्तान के बेटे की मौत हो जाती है। यह देखकर उन्हें लगा कि कोई ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे जरूरतमंद को तुरंत खून मिल सके। उन्होंने कॉलेज के अन्य छात्रों के साथ इसे लेकर चर्चा की।
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blood donation
- फोटो : AmarUjala
उन्होंने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने का सुझाव दिया, जिसमें सभी रक्तदाताओं की ऑन टाइम लोकेशन हो। जरूरत पड़ने पर तुरंत अपने पास के डोनर से बात कर उससे मदद मांगी जा सके। साथी छात्रों को उनका यह सुझाव बेहद पसंद आया। जिसके बाद उन्होंने लाइफ लाइन के नाम से ग्रुप बनाया।
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- फोटो : AmarUjala
उन्होंने बताया कि अब इसका मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है। मोबाइल एप में जैसे ही कोई जरूरतमंद अपनी लोकेशन और ब्लड ग्रुप डालेगा, उसके आसपास के सभी डोनर्स की लोकेशन और कांटेक्ट मिल जाएंगे।
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रक्तदान
इससे जरूरतमंद अपने पास के रक्तदाता को आसानी से ढूंढ सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी दो सौ से अधिक डोनर्स का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वह हर ब्लड ग्रुप के एक हजार रक्तदाताओं को जोड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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blood donation
- फोटो : file photo
कब किया रक्तदान
मोबाइल एप पर यह जानकारी भी मिलेगी कि रक्तदाता ने आखिरी बार कब रक्तदान किया है। इससे उन लोगों को ढूंढने में आसानी होगी कि उसके अंतिम रक्तदान को तीन माह से अधिक का समय हो चुका है या नहीं। वहीं रियल लोकेशन पता चलते से केवल उन्हीं डोनर्स से संपर्क किया जा सकेगा, जो जरूरतमंद के पास पहुंच सकते हों। इससे इमरजेंसी के मामले में अनावश्यक संपर्क करने में लगने वाला समय बच सकेगा।
अन्य शहरों को भी जोड़ेंगे
चिरायु ने बताया कि एप में अन्य शहरों को भी जोड़ने की योजना है। दून के बाद आसपास के शहरों के रक्तदाताओं का ग्रुप बनाकर उन्हें जोड़ा जाएगा। इससे उन शहरों में भी लोगों को आसानी से रक्तदाता मिल सकेंगे।