काशीवासियों के लिए खुशखबरी है कि अब यहां के लोग सी प्लेन से बनारस से लखनऊ तक का सफर कर सकेंगे। सी प्लेन से बनारस से लखनऊ तक की यात्रा में बहुत कम समय लगेगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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सी प्लेन
- फोटो : Self
निवेश प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद गंगा में सी-प्लेन चलाने की योजना एक कदम आगे बढ़ गई है। जुलाई तक इसका ट्रायल शुरू कराने की तैयारी को नए पंख लग गए हैं। तय मसौदे के अनुरूप वाराणसी से सी प्लेन की पहली उड़ान लखनऊ के लिए होगी। छह सीटर जापानी कोडियाक का संचालन होगा।
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sea plane
- फोटो : social media
इसके बाद इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और गोरखपुर को इस सेवा से जोड़ा जाएगा। 113 करोड़ के अनुमानित निवेश की यह योजना तीन चरणों में कार्यान्वित होगी। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स वाराणसी के संयोजक अशोक कुमार गुप्ता ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
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सी प्लेन
- फोटो : SELF
अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि वाराणसी में गंगा से आधुनिक समुद्री विमानों के संचालन के जरिए वाराणसी-इलाहाबाद-लखनऊ-इलाहाबाद-वाराणसी, वाराणसी-कानपुर-गोरखपुर-कानपुर के बीच शहरों को जोड़ने की योजना पर सबसे पहले काम होगा।
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टेक ऑफ करता सी प्लेन
उद्यमी अशोक गुप्ता ने बताया कि प्रमोटरों ने भारत, जापान और यूएसए के विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और सहयोग से पहली जुलाई से समुद्री विमान सेवा का ट्रायल शुरू करने की तैयारी है। अस्सी घाट पर इसके लिए जेट्टी सहित अन्य इंतजामों के लिए जगह तलाशी जा रही है। शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन के साथ इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बैठक भी होनी है। योजना सलाहकार अनुज डिडवानिया ने बताया कि लोगों को सी-प्लेन के बारे में बताने के लिए जून के प्रथम सप्ताह में रोड शो भी होगा।
वाराणसी से लखनऊ के बीच सड़क या रेल यात्रा में लगभग पांच से सात घंटे लगते हैं जबकि समुद्री विमान से केवल 40 से 50 मिनट में लखनऊ पहुंच जाएंगे। शुरुआती दौर में किराया प्रति यात्री पांच से छह हजार रुपये होगा। दूसरे शहरों के भी इस सेवा से जोड़े जाने के बाद किराया ढाई हजार से तीन हजार रुपये प्रति यात्री होने की उम्मीद है।