देवी शक्ति से हारने पर रावण ने बसाया था यहां रावण उर्फ बड़ा गांव
Tue, 11 Oct 2016 12:11 AM IST
टीम डिजिटल
सार
- देवी शक्ति से हारने पर रावण ने बसाया था रावण गांव
- बागपत जिले में है रावण उर्फ बड़ा गांव
- हिमालय पर्वत से लौटते वक्त शक्ति देवी को लंका ले जा रहा था रावण
- देवी ने रखी थी शर्त बीच में जहां रखोगे तो वहीं हो जाऊंगी स्थापित
बागपत जिले में ऐसा गांव भी है जिसे रावण ने अपने नाम से बसाया था। रावण उर्फ बड़ा गांव में आज भी दशहरे पर रावण को जलाया नहीं जाता बल्कि पूजा की जाती है। इस गांव में प्राचीन मंशा देवी का मंदिर भी है।
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मनसा देवी मंदिर
वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. केके शर्मा बताते हैं कि इस मंदिर में नवरात्र और दशहरे पर पूजा करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। प्राचीन काल में रावण पूजा करने के लिए हिमालय पर्वत पर गया था। मान्यता है कि रावण की तपस्या से देवी शक्ति प्रसन्न हो गई थी।
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मनसा देवी मंदिर
शक्ति देवी ने रावण से वर मांगने को कहा था। जिस पर रावण ने कहा कि शक्ति देवी मैं तुम्हें लंका में ले जाना जाता हूं। लेकिन शक्ति देवी ने रावण से शर्त रखी कि मुझे कहीं बीच में रखोगे नहीं, नहीं तो मैं वहीं स्थापित हो जाऊंगी।
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मनसा देवी मंदिर
रावण शक्ति को लेकर लंका के लिए चल पड़ा। यूपी के बागपत जिले में रावण हिमालय पर्वत से शक्ति देवी को लेकर लौट रहा था तो रास्ते में रावण को लघुशंका लग गई। रावण एक गांव वाले को शक्ति देवी को सौंपकर लघुशंका के लिए चल पड़ा। लेकिन कुछ ही देर में देवी शक्ति व्यक्ति से छूट गई। जिसके बाद शक्ति देवी वहीं पर स्थापित हो गई।
जिस स्थान पर देवी शक्ति स्थापित हुईं वहीं पर रावण ने उनका मठ बनवाते हुए गांव बसा दिया। जिस गांव का नाम रावण ने अपने नाम पर रावण गांव रखा। आज भी यह गांव रावण उर्फ बड़ा गांव के नाम से जाना जाता है। यहां पुरानी विष्णू भगवान की मूर्ति है। प्रवेश द्वार पर लाल पत्थर लगे हुए हैं।