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असल जिंदगी में खुद को 'सिंघम' समझता है विवेक तिवारी का 'कातिल', तस्वीरों में दिखा दबंगई का सबूत

Mon, 01 Oct 2018 10:11 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रशांत चौधरी
28 सितंबर की रात करीब 1.30 बजे यूपी पुलिस के सिपाही प्रशांत चौधरी ने एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी। सदमे से विवेक की पत्नी व मासूम बेटी समेत पूरा परिवार गम और गुस्से में डूबा था, लेकिन लखनऊ पुलिस अफसर इतने बेशर्म कि दोषी सिपाहियों पर कार्रवाई के बजाय बचाव की स्क्रिप्ट लिखते रहे। 

चरित्र हनन से लेकर आत्मरक्षा में गोली चलाने तक की कहानियां गढ़ डालीं। ये सब आला अफसरों की मौजूदगी में होता रहा। आखिरकार लोगों के आक्रोश के बाद सरकार सख्त हुई तो आला अफसरों को मजबूरी में प्रशांत चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी। आइए जानते हैं प्रशांत के बारे में कि वह अपने निजी जीवन में कैसा है। आखिर इसमें ऐसा क्या था कि जो पूरा पुलिस महकमा इसे बचाने में लगा हुआ था...
 
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prashant chaudhry
विवेक तिवारी को मौत के घाट उतार उसके परिवार को उजाड़ने वाले प्रशांत को जानने वाले लोग पीके डॉन के नाम से जानते है। प्रशांत चौधरी खुद को सच्चा जाट बताता है और फेसबुक पर भी अपनी प्रोफाइल में पीके, द रॉयल जाट लिखता है। वह बुलंदशहर का रहने वाला है। वह 2015 में पुलिस में भर्ती हुआ था और इसने बुलंदशहर की ही रहने वाली राखी मलिक से शादी की थी। दोनों की तैनाती गोमतीनगर थाने में ही थी।

 
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prashant chaudhry
प्रशांत के बारे में पहले भी ऐसी खबर सामने आई थी कि वह और इसका साथी संदीप हर रात करीब 11 से 12 के बीच हाथ में टॉर्च लेकर निकलते थे और जो भी मिलता था उससे वसूली किया करते थे। अगर कोई लड़का-लड़की साथ जाते हुए मिल जाए तो उनको ये जरूर रोका करते थे। इसके बाद ये उन्हें धमकाते और वसूली करके के छोड़ दिया करते थे। उस रात भी ये दोनों वसूली के इरादे के साथ विवेक तिवारी और उसकी सहकर्मी को रोकने की कोशिश की थी।  

 

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prashant chaudhry
गोमतीनगर के स्थानीय लोगों की माने तो प्रशांत न सिर्फ आम लोगों को परेशान किया करता था बल्कि शहीद पथ से गुरजने वाले ट्रकों को रोक कर उनसे भी वसूली किया करता था। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि वसूली का पैसा सिर्फ इसके या फिर साथी संदीप के बीच में ही नहीं बंटता होगा बल्कि इनके ऊपर बैठे अधिकारियों तक भी पहुंचता होगा। 

 
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prashant chaudhry
प्रशांत की फेसबुक प्रोफाइल देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह खुद को फिल्म सिंघम का अजय देवगन समझने लगा था। न सिर्फ प्रशांत ने सिंघम की तरह की मूंछ बल्कि वर्दी भी अजय देवगन की तरह पहनता था। यहां तक की कई लोग उसे सिंघम भी बोलने लगे थे। हाई प्रोफाइल मामला होने की वजह से और मीडिया के दबाव की वजह से पुलिस ने प्रशांत को भले ही गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पुलिस प्रशासन पर दवाब न पड़ता तो प्रशांत ने खुद पर गाड़ी चढ़ाने की एफआईआर दर्ज करवा ली होती और वो जेल में नहीं, बल्कि थाने में ड्यूटी कर रहा होता।

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