मंगलवार को गंगोत्री-उत्तरकाशी रूट पर हुए भीषण बस हादसे में 22 लोगों की जान चली गई। लेकिन हादसे में घायल भावना ने हादसे के बाद आपबीती सुनाई।
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17 साल की भावना हादसे में मामूली रूप से घायल हुई। उसी ने आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीम को बाकी यात्रियों के बारे में जानकारी दी।
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जैसे ही भावना ने बचाव दल को देखा वह रोने लगी। उसके मुंह से बस एक ही बात निकली, 'मेरे पापा को बचाओ'। वह बस रोते ही जा रही थी। जिसने भी उसकी बात सुनी उनकी आंखे भी नम हो गई।
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इसके बाद उसने बचाव दल को अपने भाई को बुलाने के लिए कहा। उसका भाई दूसरी बस में सवार था। वह अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी बस उस पल को याद करके रोती जा रही थी
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उसने कहा कि हम सब 12 मई को इंदौर से खुशी-खुशी यात्रा के लिए निकले थे। लेकिन अचानक इस हादसे ने सबकुछ बदल दिया। सभी लोग हादसे का शिकार हो गए।
कभी सोचा भी नहीं था कि बस का नियंत्रण खोने का इतना भयानक परिणाम होगा। भावना ने इंदौर से उसके साथ आए कई लोगों के परिजनों के नंबर भी बचाव दल को दिए।