हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
हरेली तिहार के अवसर पर नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण परंपरा और लोक संस्कृति का रंग दे खने को मिला। पूजा-अर्चना से लेकर पारंपरिक खेल, लोकनृत्य, छत्तीसगढ़ी व्यंजन और आधुनिक कृषि तकनीक तक, पूरे आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और खेती-किसानी की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में नजर आए। वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक संगीता यादव के पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री का यह अंदाज आयोजन में आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश और नवग्रह पूजन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शिवलिंग का अभिषेक किया और नांगर, रापा, कुदाल तथा फावड़ा जैसे कृषि उपकरणों की पूजा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष भी नमन किया।
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सीएम साय ने गौशाला में गौमाता और बछड़े की पूजा की।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरेली के मौके पर भगवान शिव, गौमाता और कृषि उपकरणों की पूजा की। उन्होंने प्रदेश में अच्छी बारिश, बेहतर फसल, किसानों की खुशहाली और राज्य की समृद्धि की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री, जनप्रतिनिधि, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। हरेली की ग्रामीण परंपरा के तहत मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में गौमाता और बछड़े की पूजा की। उन्होंने हरा चारा, चना-गुड़ और पारंपरिक लोंदी खिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती और ग्रामीण जीवन में पशुधन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और लोक परंपराएं हमें पशुओं के संरक्षण का संदेश देती हैं।
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सीएम ने हार्वेस्टर सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया।
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आयोजन में कृषि विभाग और अन्य विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। कृषि यंत्रों की जानकारी लेने के साथ उन्होंने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि में मशीनों और नई तकनीकों का इस्तेमाल किसानों की मेहनत और लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाने में मददगार है।
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पारंपरिक वेशभू में नजर आये सभी
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कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन से करती हैं। अब तक वे 2500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में छिड़काव कर चुकी हैं और करीब 7 लाख रुपए की आय अर्जित कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता को महिला आत्मनिर्भरता और आधुनिक कृषि का उदाहरण बताया।
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मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे
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पारंपरिक खेलों ने खींचा लोगों का ध्यान
मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, फूलों तथा ग्रामीण शैली की सजावट से सजाया गया था। यहां गेड़ी, बिल्लस, गोटी, बाटी और रहचुली जैसे पारंपरिक खेलों की व्यवस्था की गई। बच्चों और युवाओं ने इन खेलों में उत्साह से हिस्सा लिया। लोक कलाकारों ने मांदर और ढोलक की थाप पर छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और लोकधुनों पर उनके साथ शामिल हुए।
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मंत्री नेताम ने सीएम साय को भेंट किया हल
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छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से महका आयोजन
कार्यक्रम में ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित कई पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का जायजा लिया और कलाकारों, किसानों तथा नागरिकों से बातचीत की।
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सीएम साय ने किया पौधारोपण
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प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात के पौधे लगाए। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली केवल कृषि और पशुधन से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि प्रकृति के संरक्षण की जिम्मेदारी भी याद दिलाता है। पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण करना भी जरूरी है।
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मुख्यमंत्री निवास में दिखे पारंपरिक खेल
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली प्रदेश की कृषि परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का पर्व है। किसान खुशहाल होगा तो गांव मजबूत होंगे और इससे छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।
सीएम हाउस में दिखा सांस्कृतिक झलक
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कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली खेती, हरियाली और पशुधन के प्रति सम्मान का पर्व है। उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि से ही प्रदेश और देश की समृद्धि संभव है।