India President Draupadi Murmu Chhattisgarh visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन आज शनिवार को राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित महाप्रभु भगवान जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
India President Draupadi Murmu Chhattisgarh visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित महाप्रभु भगवान जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा। राष्ट्रपति इस दौरान जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने इस मौके पर मंदिर पहुंचे प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्टजनों से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे
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राष्ट्रपति ने जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना।
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राष्ट्रपति इस दौरान जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने इस मौके पर मंदिर पहुंचे प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्टजनों से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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राष्ट्रपति को राज्यपाल डेका ने स्मृति चिन्ह किये भेंट
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राष्ट्रपति को राज्यपाल डेका ने स्मृति चिन्ह किये भेंट
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु के छत्तीसगढ़ के प्रवास के अंतिम दिन राजभवन में उन्हें ससम्मान बिदाई दी गई। राष्ट्रपति मुर्मु को राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ की पहचान, बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिन्ह और विश्व प्रसिद्ध कोसा की साड़ी भेंट की गई। राष्ट्रपति मुर्मु ने भी राष्ट्रपति भवन की काष्ठ से निर्मित प्रतिकृति उन्हें भेंट की। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थी।
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राष्ट्रपति मुर्मु ने भी राष्ट्रपति भवन की काष्ठ से निर्मित प्रतिकृति उन्हें भेंट की।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राष्ट्रपति मुर्मु को राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ की पहचान, बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिन्ह और विश्व प्रसिद्ध कोसा की साड़ी भेंट की गई। राष्ट्रपति मुर्मु ने भी राष्ट्रपति भवन की काष्ठ से निर्मित प्रतिकृति उन्हें भेंट की। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थी।
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राष्ट्रपति मुर्मु के साथ राजभवन परिवार ने कराई फोटोग्राफी
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राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के साथ राजभवन परिवार ने कराई फोटोग्राफी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राजभवन में मिले आतिथ्य की सराहना की और उसके लिए राज्यपाल रमेन डेका और प्रथम महिला रानी डेका काकोटी को धन्यवाद दिया। राजभवन परिवार के आग्रह पर राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल डेका के साथ राजभवन परिवार की सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई गई।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आईआईटी भिलाई पहुंची। भिलाई के तृतीय एवं चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आईआईटी भिलाई पहुंची। भिलाई के तृतीय एवं चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। राष्ट्रपति के हाथों सात छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया। दीक्षांत समारोह में 2023 और 2024 में स्नातक करने वाले 396 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। 2023 बैच के स्नातक छात्रों में 13 पीएचडी, 11 एमएससी, 27 एमटेक, 13 बीटेक (ऑनर्स) और 123 बीटेक स्नातक शामिल हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष आदिवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रसिद्ध लोकनृत्य पेश किया
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष आदिवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रसिद्ध लोकनृत्य का किया प्रदर्शन
राष्ट्रपति द्रौपदी मृर्मु को अपने बीच पाकर छत्तीसगढ़ के लोग हमेशा गौरवान्वित होते हैं, विशेष रूप से यहां के जनजातीय समाज स्वयं को बहुत प्रतिष्ठित महसूस कर रहा है।
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लोकनृत्य पेश करते कलाकार
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छत्तीसगढ़ के गौरवशाली ‘पुरखौती मुक्तांगन‘ में आयोजित सरगुजा प्रखण्ड के लोकार्पण और महतारी वंदन की 9 वीं किस्त की राशि के अंतरण के अवसर पर छत्तीसगढ के आदिवासी समुदाय के लोगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लोग अपनी जीवन-पद्धति, खान-पान, लोक-नृत्य, लोक-संगीत, लोकवाद्यों, कलाओं रीति-रिवाजों, तीज-त्यौहारों, अस्थाओं और अन्य आदिम परंपराओं को सहेज कर रखा है।
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नृत्य देखर राष्ट्रपति भी हुईं गदगद
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नर्तक दलों ने अपने नृत्य के माध्यम से बताया कि जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जनजातीय समाज का कल्याण करने सरकार प्रतिबद्ध है।
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राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ के आदिवासियों के साथ लिया सामुहिक छायाचित्र
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राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ के आदिवासियों के साथ लिया सामुहिक छायाचित्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लोग अपनी जीवन-पद्धति, खान-पान, लोक-नृत्य, लोक-संगीत, लोकवाद्यों, कलाओं रीति-रिवाजों, तीज-त्यौहारों, अस्थाओं और अन्य आदिम परंपराओं से काफी प्रभावित हुईं। छत्तीसगढ के पारंपरिक वेषभूषा में सजे आदिवासियों के साथ सामुहिक छायाचित्र लिया गया।
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राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और सशक्तिकरण पर केंद्रित पुस्तकों का किया विमोचन
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राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और सशक्तिकरण पर केंद्रित पुस्तकों का किया विमोचन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों क्रमशः ‘आदि नारी: आदिवासी महिलाओं की अस्मिता और गौरव गाथा, वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शिका’ एवं पोदड़गुमा पेन करसाड का विमोचन किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राष्ट्रपति को उक्त तीनों पुस्तकों की प्रथम प्रतियां ससम्मान भेंट की। यह तीनों पुस्तकें छत्तीसगढ़ राज्य की जनजातीय संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और वन अधिकारों की सुरक्षा पर केंद्रित हैं।