साल 2015 में यूटी पुलिस से जुड़े कई मामले अनसुलझे रहे। चंडीगढ़ के 5 ऐसे बड़े मामले, जिनका मास्टमाइंड अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। देखिए, केस। रिपोर्टः कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पुलिस के लिए पहेली बने 5 बड़े केस, मास्टरमाइंड कौन?
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डीएसपी मीणा: 13 अगस्त 2015 को सीबीआई ने सेक्टर-17 स्थित आर्थिक अपराध शाखा के ऑफिस में ट्रैप लगा डीएसपी आरसी मीणा को 40 लाख घूस लेते गिरफ्तार किया था। केस की जांच में यूटी पुलिस के आईजी और डीआईजी सहित बड़े अधिकारियों के नाम उछले थे। चार महीने बीत जाने के बावजूद इस प्रकरण के सरगना के नाम से पर्दा नहीं उठ पाया। साल 2015 में सीबीआई को रिश्वतखोरी में सबसे बड़ी सफलता मिली थी।
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सिप्पी मर्डरः 19 अक्तूबर 2015 की रात को मोहाली निवासी नेशनल शूटर सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी का सेक्टर-27 स्थित पार्क में चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की जांच के दौरान करीब 100 लोगों से पूछताछ हुई और एक हाईकोर्ट के जज की बेटी का नाम संदिग्धों में आया। पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के आदेशों के बावजूद मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस इस केस के आरोपियों को बेनकाब नहीं कर पाई।
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ली-कार्बूजिए सेंटर चोरीः 24 सितंबर को सेक्टर-19 स्थित ली-कार्बूजिए सेंटर के गार्ड के सुसाइड लेटर से सेंटर से लाखों के फर्नीचर चोरी होने का खुलासा हुआ। जांच के दौरान दस लोगों से पूछताछ हुई। इसके बावजूद चोरी के मास्टर माइंड और गार्ड की मौत का रहस्य खोलने में पुलिस नाकाम रही।
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पीयू पेंशन घोटालाः 3 सितंबर 2015 को पंजाब यूनिवर्सिटी में करोड़ों के पेशन घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा हुआ। इसमें कांट्रैक्ट पर भर्ती क्लर्क पूज्जा बग्गा मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार की गई थी। इसमें मुख्य आरोपी से करीब 92लाख रुपये रिकवर किए गए थे। वहीं, जांच के दौरान सुपरिंटेंडट नरेश सब्बरवाल को भी गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, क्या इतने बडे़ घोटाले के पीछे सिर्फ इन्हीं दोनों आरोपियों का हाथ था?
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तन्वी गर्ग केसः 8 जुलाई को आईएएस तन्वी गर्ग के एक चेक बाउंस होने की शिकायत मिली। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तन्वी गर्ग ने उससे तीस लाख उधार लिया था। लेकिन, उन्होंने जो चेक लौटाया वह बैंक में बाउंस हो गया। वहीं, तन्वी गर्ग के पिता प्रभात गर्ग ने आरोप लगाया कि उनके स्टूडेंट ने घर के अंदर से तन्वी का चेक चुराया था। इस मामले में आरोपी स्टूडेंट पर केस दर्ज किया गया। वहीं, केस की हकीकत के पीछे पुलिस की जांच जारी है।