फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

Mon, 09 Nov 2015 08:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 9
अनुपम खेर के मार्च फॉर इंडिया पर हिंदी के वरिष्ठ कवि और चिंतक और साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले अशोक वाजपेयी ने तीखा वार किया। जानिए क्या बोले?
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

2 of 9
अशोक वाजपेयी ने कहा कि अगर अनुपम खेर असहिष्णुता को सच्चाई नहीं मानते तो इसका अर्थ यह हुआ कि देश के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, रिजर्व बैंक के गवर्नर आदि भी झूठ बोल रहे हैं या ये सभी कुंद जहन हैं।
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

3 of 9
अशोक वाजपेयी ने कहा कि अगर खेर कह रहे हैं कि साहित्यकारों के पुरस्कार वापस करने के विरुद्ध में उन्होंने मार्च निकाला हैं तो बता दें कि पुरस्कार हमारा हक है, हमने अपने हक से पुरस्कार पाया और वापस भी किया। इसमें फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को क्या आपत्ति है।

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

4 of 9
अशोक वाजपेयी चंडीगढ़ लेक क्लब में चल रहे लिटराटी फेस्टिवल में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने कहा कि हमारी बुनियादी अपील भारत की जनता से है ताकि वह सचेत हो, क्योंकि कि इस तरह की कुरीतियां पनपने से देश का लोकतंत्र, परंपरा व संस्कृति तीनों खतरे में है।
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

5 of 9
अशोक वाजपेयी ने कहा कि गजेंद्र सिंह चौहान को एफटीआईआई का चेयरमैन बना दिया गया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष खुदा जाने कौन हैं, कहां से आए हैं? तो सरकार से क्या उम्मीद की जाए। आईआईटी ने भोजन की मांग की तो कह दिया कि देशद्रोही हैं। जेएनयू को देश द्रोहियों का अड्डा कह दिया गया। अल्पसंख्यकता को नाकाबिले बर्दाश्त बताया जा रहा है। यह सिर्फ धर्म की अल्पसंख्यकता नहीं है। विचार, विश्वास, लोगों की मूल्यों की भी अल्पसंख्यकता है।
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

6 of 9
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड ने कहा है कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे ने झूठ बोला था और उस झूठ को विभाजनकारी शक्तियों ने प्रचारित किया। गोडसे ने कहा था कि उसने गांधी जी की हत्या इसलिए की थी क्योंकि वे बंटवारे के लिए जिम्मेदार थे और उनकी वजह से पाकिस्तान को 55 करोड़ दिए गए थे।
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

7 of 9
तीस्ता ने कहा कि हकीकत यह है कि गांधी जी की हत्या का प्रयास एक संगठन की ओर से काफी पहले से किया जा रहा था। गांधी की हत्या का पहला प्रयास 1934 में हुआ। कुल पांच प्रयास किए गए। गांधी जी की हत्या इसलिए की गई थी क्योंकि उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ आए बिल का मुखर समर्थन किया था। सांप्रदायिक शक्तियों ने तब भी अल्पसंख्यकों को समान दर्जा सहन नहीं किया और नतीजा देश के विभाजन के रूप में निकला।

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

8 of 9
अंग्रेजी की जाने माने लेखक सुदीप सेन कहते हैं कि एक लोकतांत्रिक देश में हर शख्स को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है। मगर लोगों को सरकार के खिलाफ विरोध जताने से रोका जा रहा है। अगर लोगों से विरोध जताने का हक भी छीना गया तो देश का माहौल बिगड़ना तय है। लेखकों द्वारा अवार्ड लौटाना या विरोधी विचारों को लेखों के माध्यम से व्यक्त करना गलत नहीं है।
विज्ञापन

प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?

9 of 9
सुदीप कहते हैं कि देश में हिंदी के साथ साथ क्षेत्रीय भाषाओं और अंग्रेजी लेखन का स्तर पहले से काफी बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी चंडीगढ़ आने का मौका मिलता है तो वे इसे गंवाते नहीं। यह जिंदा दिल लोगों का शहर है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें