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महावीर फौगाट ने खोला आमिर की 'दंगल' का वो सीक्रेट, जिससे धोनी का कनेक्शन

Sun, 01 Jan 2017 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
पहलवान महावीर फौगाट ने आमिर खान की मूवी दंगल का एक ऐसा सीक्रेट बताया है, जिससे टीम इंडिया के कैप्टन धोनी का भी खास कनेक्शन है।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
महावीर फौगाट वीरवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पहुंचे। उनके साथ पत्नी दया कौर और दोनों बेटियां रितु, संगीता मौजूद रहीं। मौका था पहलवान फौगाट की आत्मकथा अखाड़ा की रिलीजिंग। सौरभ दुग्गल द्वारा लिखी गई इस आत्मकथा में महावीर फौगाट की पहलवानी से लेकर उनकी चारों बेटियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। साथ ही बाप-बेटियों के संघर्ष की कहानी भी इसमें है।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
इस दौरान महावीर फौगाट ने पत्रकारों से भी बातचीत की तो एक सवाल पूछा गया कि टीम ​इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर आधारित एक मूवी बनी है, जिसके लिए उन्होंने पैसे लिए। क्या आपने भी अपनी इस बायोपिक के लिए आमिर खान से पैसे की डिमांड की है? इस सवाल का जवाब उन्होंने मजाकिया लहजे में दिया।

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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
महावीर फौगाट ने कहा कि धोनी तो समझदार था, मैं इतना समझदार नहीं हूं। आमिर खान ने मुझसे मिलने का वक्त मांगा। मैंने दिया और जब मिले तो उन्होंने पूछा कि मैं आपके जीवन पर आधारित एक मूवी बनाना चाहता हूं, आपको कोई आपत्ति तो नहीं। मैंने कहा नहीं और उन्होंने मूवी बना ली। इस दौरान उन्होंने मुझे और मेरी बेटियों को काफी मान-सम्मान दिया। मैंने सोचा नहीं था कि इतना बड़ा स्टार मेरी जिंदगी पर मूवी बनाएगा।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
महावीर फौगाट ने खुद पर बनी फिल्म दंगल में उनका किरदार निभा रहे अभिनेता आमिर खान के बारे में खुलकर बातचीत की। उनसे जब यह पूछा गया कि फिल्म की शूटिंग हरियाणा की बजाए बाहर की गई तो इस पर उन्होंने बताया कि आमिर का कहना था कि यहां पर शूटिंग के दौरान पब्लिक अधिक पहुंच जाती है। महावीर फौगाट का मानना था कि यह बात बिल्कुल सच्ची है।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
अपने संघर्ष की कहानी बताते हुए महावीर फौगाट ने बताया कि जब मैंने अपनी बेटियों को ट्रेनिंग देने का बीड़ा उठाया, तब क्या कुछ नहीं सहा। माता-पिता तक का विरोध, लोगों की बातें सुनीं। मगर इन सबकी परवाह किए बिना मैं मिशन में जुटा रहा। मेरे माता पिता ने बोल दिया था कि लड़कियों को कुश्ती में मत डाल। मैंने परिवार से एक साल मांगा और एक ही साल में मेरी बेटियों ने खुद को साबित कर दिया।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में महावीर फौगाट
फौगाट बताते हैं कि आज पूरा परिवार, गांववाले, देश और दुनिया उनके साथ है। जब पहली बार गीता ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया तो सभी ने मुझे बधाई दी। दुनिया में महिला रेसलिंग में भारत का नाम रोशन करने वाली बेटियां पहले मेरी कहलाती थीं, लेकिन अब वह देश की बेटियों के नाम से पहचान बना चुकी हैं।

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महावीर फोगाट - फोटो : अमर उजाला
पहलवानी के प्रति अपना प्यार बयां करते हुए महावीर कहते हैं कि बेशक उम्र बढ़ गई है, सरकार ने कोई खास मदद नहीं की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि पहलवानी छोड़ देता। आज भी पहलवानों से पहले सुबह तीन बजे उठ जाता हूं। अखाड़े से इतना प्यार है कि घर के बीचों-बीच एक अखाड़ा बनाया है। इसी अखाड़े में अपनी बेटियों को पहलवान के दांव-पेच सिखाता हूं।

 

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महावीर फौगाट
महावीर कहते हैं कि अगले ओलंपिक के लिए उन्होंने कमर कस ली है। अपनी बेटियों को रोज इसी के लिए तैयार कर रहा हूं। आजकल मिट्टी और मैट के अखाड़ों पर बात होती है, लेकिन मेरा मानना है कि पहलवान हर जगह बराबर ही रहता है। हालांकि, मैट पर लड़ने के लिए मैट पर ही तैयारी जरूरी है, लेकिन हमारी इस तरह की मदद अभी तक सरकार ने नहीं की। पर गम नहीं, हम आज भी मिट्टी के दंगल में ही कुश्ती लड़ते हैं।
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महावीर फौगाट - फोटो : अमर उजाला
महावीर फौगाट बताते हैं कि वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद से हरियाणा में महिला कुश्ती में काफी बदलाव आया है। उनके अनुसार हरियाणा में पहले कुश्ती के कम अखाड़े थे, लेकिन अब काफी संख्या में अखाड़े बन चुके हैं। अब माता-पिता खुद अपनी बेटियों को लेकर ट्रेनिंग दिलाने के लिए आते हैं। उनके पास 20-25 लड़कियां ट्रेनिंग लेती हैं। हाल में शुरू हुई कुश्ती लीग के बारे में भी उन्होंने कई बातें कहीं।

 
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