लोग समय समय पर ब्लड डोनेट करते रहते हैं। इससे करने से न केवल दूसरों की जिंदगी बचती है, बल्कि अपने को भी कई फायदे होते हैं। जानिए ये कब और कैसे करना चाहिए।
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रक्तदान
14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य सेक्टर 17 चंडीगढ़ स्थित ब्रिज मार्केट में ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जा रहा है। अमर उजाला फाउंडेशन, श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री ओंकार दास मित्तल चैरिटेबल ट्रस्ट, शिव शक्ति सेवा मंडल बुढलाडा, लेदर डेन और रेडक्रास की ओर से यह आयोजन किया जा रहा है। शिविर का समय सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े चार बजे तक रहेगा।
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रक्तदान शिविर
- फोटो : amarujala
इस मौके पर पीजीआई स्थित रीजनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (रोटो) की टीम भी मौजूद रहेंगी, जो रक्तदानियों को आर्गन डोनेशन के प्रति जागरूक करेगी और उनसे शपथ पत्र भरवाएगी। ब्लड डोनेशन हर साल लाखों लोगों की जिंदगी बचाता है। ये थैलेसीमिया जैसी जानलेवा बीमारी के मरीजों की सहायता करता है। मां और उसके शिशु के स्वास्थ्य में भी बड़ा योगदान देता है।
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ब्लड डोनेशन कैंप में ख्ाून दान करते युवक
- फोटो : amar ujala
चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टर बताते हैं कि रक्तदान से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है, जो हार्ट के लिए अच्छा होता है। रक्तदान के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदरुस्ती भी मिलती है। रक्तदान सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है।
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रक्तदान शिविर
- फोटो : amarujala
रक्तदान से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम होता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। नियमित रूप से ब्लड डोनेशन करने से आयरन लेवल ठीक बना रहता है। शरीर में आयरन बढ़ जाए तो ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है, जिससे टिशू डैमेज होता है। ब्लड डोनेट करने से न सिर्फ शरीर में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है, बल्कि ये दिल की बीमारियों से भी बचाव करता है।
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अमर उजाला का ब्लड डोनेशन कैंप
- फोटो : विशाल शंकर
अकसर देखने में आया है कि डायबिटीज पेशेंट भी रक्तदान करना चाहते हैं। इस बारे में पीजीआई ब्लड बैंक के असिस्टेंट प्रोफेसर सुचेत सचदेव ने बताया है कि जो मरीज 15 साल या उससे अधिक समय से डायबिटीज से पीड़ित हैं वे रक्तदान से बचें। जो मरीज इससे कम समय से इस रोग के शिकार हैं और उनका ब्लड शुगर कंट्रोल है तो वे रक्तदान कर सकते हैं।
3 महीने में एक बार ही रक्तदान करना चाहिए। ब्लड डोनेट करने से पहले सुबह पानी जरूर पीएं। नाश्ता जरूर करें। कोई दवा लेते हैं तो उसे जरूर खाएं और डोनेट से पहले डॉक्टर को बताएं। डोनेशन से पहले फॉर्म में पूरी जानकारी भरें। 18 से 65 साल की उम्र का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति ब्लड दे सकता है। 90 दिन पहले ब्लड दिया है तो भी आप कैंप में कर सकते हैं रक्तदान।
रक्तदान को लेकर सबसे बड़ा भ्रम लोगों के मन में ये है कि उनके शरीर में खून की कमी हो जाएगी। लेकिन बता दें कि खून देने के 48 घंटे बाद ही रक्त की क्षतिपूर्ति हो जाती है। अगर आप हट्टे-कट्टे हैं तो तीन महीने में एक बार आराम से रक्तदान कर सकते हैं। अगर कोई एड्स से ग्रस्त है तो उस व्यक्ति को रक्तदान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। कैंसर के मरीजों को रक्तदान नहीं करना चाहिए।
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ब्लड डोनेशन कैंप
- फोटो : अमर उजाला
अगर आपने टैटू या कोई कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई है तो रक्तदान करने के लिए कम से कम चार महीने तक इंतजार करना होगा। रक्तदान करने के बाद आप सामान्य रूप से अपना जीवन व्यतीत कर सकते हैं। लेकिन आपको दिन में खूब पानी पीना होगा और शराब तथा धूम्रपान से दूर रहना होगा। साथ ही लॉन्ग ड्राइव और तेज धूप में जाने से परहेज करें।
प्रेग्नेंट महिलाएं रक्तदान नहीं कर सकती हैं। साथ ही 17 साल से कम उम्र के लोग रक्तदान नहीं कर सकते। उम्रदराज होने पर लोग सोचते हैं कि अब वह रक्तदान नहीं कर पाएंगे। लेकिन इसके लिए डॉक्टर आपके कुछ मेडिकल टेस्ट करते हैं और अगर रिपोर्ट्स सामान्य आए तो आप रक्तदान कर सकते हैं। अगर पिछले 12 महीने में हेपेटाइटिस या पीलिया से ग्रस्त हुए हैं तो भी आप रक्तदान नहीं कर सकते।