डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम और हनीप्रीत के रिश्ते को लेकर विश्वास गुप्ता ने कई सनसनीखेज खुलासे किए। उसने बाबा पर आरोप लगाते हुए बहुत कुछ बताया।
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हनीप्रीत और डेरामुखी में नहीं बाप-बेटी का रिश्ता
विश्वास गुप्ता ने दावा किया कि कहने को हनीप्रीत और डेरामुखी मुंहबोले बाप-बेटी थे, लेकिन उनका रिश्ता ऐसा नहीं था। विश्वास गुप्ता ने दावा किया कि फरार चल रही हनीप्रीत किसी भी तरह से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की बेटी नहीं है, क्योंकि बाबा हनीप्रीत से महज 13 साल बड़ा है। वे दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। जब हमारी शादी हुई थी तो पहली रात भी हनीप्रीत राम रहीम सिंह के साथ गुफा में थी।
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फाइल
मैंने एक रात बाबा के कमरे में दोनों को न्यूड देखा था
विश्वास गुप्ता ने बताया कि उसने डेरे में दोनों को आपत्तिजनक हालात में देखा था। 2011 में हम साथ साथ कहीं गए थे। राम रहीम और मेरा कमरा साथ-साथ था। मैंने एक रात बाबा के कमरे में दोनों को न्यूड देखा था। राम रहीम ने इस घटना के बाद धमकी भी दी थी कि किसी को बताया तो तेरी जान नहीं बचेगी। हनीप्रीत गुफा के अंदर बाबा के बेड पर उसके साथ सोती थी और वो गुफा के बाहर रहता था।
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उस दिन के बाद हनीप्रीत मेरे पास कभी नहीं आई
विश्वास गुप्ता ने बताया कि एक रात वो मेरे कमरे में नहीं आई। मैं पूरी रात बैचेन रहा और वहीं घूमता रहा। सुबह पांच बजे में सेवादार से पूछा कि हनीप्रीत कहां है तो वह चुप रह गया। थोड़ी देर बाद वह आया और बोला कि आप को बाबा जी बुला रहे हैं। मैं गया तो देखा कि हनीप्रीत उसकी गोद में लेटकर रो रही थी। मुझे देख बाबा बोला कि बेटा तेरा भी मन विचलित कर गया। यह मेरी बेटी है और सारी रात से मुझे बुखार है, इसलिए मेरे पास रुक गई थी। इसके बाद हनीप्रीत मेरे पास कभी नहीं आई।
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माफी मांगी, तभी वापस हुए पांचों झूठे केस
विश्वास गुप्ता ने आरोप लगाया कि डेरामुखी और हनीप्रीत के इशारे पर उस पर पांच केस दर्ज करवा दिए। उसका परिवार इस कदर प्रताड़ित हो गया कि वर्ष 2014 में उसे व उनके पिता को डेरे में जाकर माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा। उसके बाद हनीप्रीत ने भी आसानी से उसे तलाक दे दिया और पांचों केसों का समझौते के बाद तुरंत निपटारा भी हो गया। लेकिन उसके विधायक दादा और पिता ने जो 40 करोड़ की प्रापर्टी बेचकर डेरे के कारोबार में धनराशि लगाई थी, वो देने से डेरामुखी ने साफ इंकार कर दिया।
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बिग बॉस खिलवाता था बाबा, गाड़ी में रखता था हथियार
विश्वास ने बताया कि डेरामुखी उसके व हनीप्रीत के अलावा छह दंपतियों के साथ बिग बॉस खेलता था। खेल की कहानी काफी गंदी थी, जिसका अंदाजा उसे खेल खत्म होने के बाद हुआ। 28 दिन तक चले इस खेल की विजेता भी हनीप्रीत रही, जिसे 50 हजार का कैश इनाम और शानदार शील्ड दी गई। विजेता की घोषणा डेरामुखी ने यह कहकर की कि हनीप्रीत ने बंद कमरे में सबसे ज्यादा सिमरन किया है, इसलिए वही विजेता घोषित की जाती है।
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Ram Rahim With Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
जिस कमरे में होता था सिमरन, उसका दरवाजा गुफा से अटैच था
विश्वास के अनुसार, असली खेल शुरू हुआ, जब हनीप्रीत एक ही दिन में इतनी गलती करने लगी कि उसे एक दिन में कई घंटों तक बंद कमरे में अकेले बैठकर सिमरन करने की सजा मिलने लगी। शक होने पर मैंने कमरा खंगाला तो मालूम चला कि कमरे में एक बड़ा परदा लगा था, जिसके पीछे भी एक बंद दरवाजा था और उसका रास्ता डेरामुखी की गुफा में निकलता था। उस कमरे से हनीप्रीत उसी दरवाजे से डेरामुखी की गुफा में जाती थी।
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प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
मुझे मरवाने को दी थी 10 लाख की सुपारी’
गुप्ता ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि डेरामुखी ने पहले उसे झूठे केस में पटियाला जेल भिजवाया। फिर उसे जेल में मारने के लिएदस लाख की सुपारी दी। लेकिन उस शख्स ने ऐसा न करते हुए न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि उसे लेकर तत्कालीन जेल अधीक्षक के सामने पेश हो गया। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए इस रफा-दफा करवा दिया गया।
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ram rahim
डेरा प्रवक्ता ने आरोपों को सिरे से खारिज किया
उधर, डेरे के प्रवक्ता प्रदीप मिश्रा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। डेरामुखी को सजा होने के 25 दिन बाद विश्वास गुप्ता ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू होकर डेरे के कई राज खोले। इस दौरान वह फफक कर रो पड़ा और इस दौरान उसकी हालत भी बिगड़ गई। गुप्ता ने बताया कि उसे चेक बाउंस के एक मामले में पहले फंसाया गया। फिर जब वह पटियाला जेल में न्यायिक हिरासत में था तो पुलिस के एक वर्दीधारी जवान ने जेल में आकर उसकी सुपारी दी। वह डेरे का ही सत्संगी था।
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honey preet and ram rahim
2011 के बाद से सिर्फ हनीप्रीत का दबदबा
विश्वास गुप्ता ने यह भी खुलासा किया वर्ष 2011 से पहले भले ही डेरामुखी ने साध्वियों का यौन शोषण किया हो, लेकिन उसके बाद हनीप्रीत ने किसी साध्वी को डेरामुखी के साथ नहीं लगने दिया। क्योंकि तब तक हनीप्रीत डेरामुखी से बहुत ज्यादा आपत्तिजनक नजदीकियां बना चुकी थी। इतना ही नहीं, उसके बाद डेरे में सिर्फ हनीप्रीत का ही दबदबा था। इसी दौरान हनीप्रीत ने डेरे प्रबंधन के अधिकतर पुरुष स्टाफ को महिला स्टाफ में बदल दिया।
डेरे में सब बाबा गुरमीत राम रहीम की इजाजत से होता था
विश्वास गुप्ता ने कहा कि जो कुछ भी डेरे में होता था, वो बिना बाबा की इजाजत के नहीं होता था। डेरे के अंदर हथियार होते थे या नहीं, ये मुझे तो नहीं पता। लेकिन बाबा जिस गाड़ी से जाता था उसमें हथियारों का बॉक्स होता था। हम डेरे पर अपने कुछ कागज लेने गए तो बाबा के राइटहैंड ने मेरे सिर पर बंदूक लगा दी। उसने कहा कि हमें सारी प्रॉपर्टी डेरे के नाम करनी होगी, तभी वो मुझे जाने देंगे तो हमने सारी प्रॉपर्टी डेरे के नाम कर दी।