खुशी व्यक्त करते पारिवारिक लोग।
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वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वेटलिफ्टिंग में मेहनत करता रहता था। पिता बताते हैं कि बर्मिंघम में जाते समय मैंने उसे सलाह दी थी कि खेल के समय तुम विपक्ष खिलाड़ी का रिकॉर्ड व अन्य किसी बात को लेकर अपने ऊपर दबाव मत बनाना। उसे मत देखना। बल्कि सहज होकर अपना गेम खेलना। इसके अलावा अपने कोच की बताई बातों में अमल करना। इसी का परिणाम है कि वह तीसरी बात पदक जीतने में कामयाब हो गया।