ओमपुरी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता वो कैसे बने, आइए जानते हैं।
विज्ञापन
2 of 8
Om Puri
दुनिया भर में अपने हुनर का लोहा मनवा चुके बॉलीवुड अभिनेता ओम पुरी एक फौजी बनना चाहते थे। वहीं, फिल्मी दुनिया में ओम पुरी एक ऐसे शख्स थे, जो विवादों से हमेशा दूर रहे। लेकिन विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ते थे। कभी अपनी निजी जिंदगी को लेकर तो कभी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर वह उलझे रहे। इनका पूरा नाम ओम राजेश पुरी था।
विज्ञापन
3 of 8
om puri
18 अक्टूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में ओमपुरी का जन्म हुआ था। ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल पंजाब के पटियाला से पूरी की। इनके पिता रेलवे और इंडियन आर्मी में कार्यरत थे। उन्होंने एफटीआईआई से ग्रेजुएशन किया। उसके बाद साल 1973 में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग के गुर सीखे। यहां अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी उन्हें अभिनय सिखाया।
4 of 8
बॉलीवुड एक्टर ओमपुरी
एनएसडी के बाद फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग का कोर्स करने के बाद ओमपुरी ने मुंबई का रुख किया और धीरे-धीरे फिल्मों में स्थापित हुए। कला फिल्मों से टेलीविजन, व्यवसायिक फिल्मों और हॉलीवुड की फिल्मों तक का सफर तय करके उन्होंने सफलता का स्वाद भी चखा। इन्होने ब्रिटिश तथा अमेरिकी सिनेमा में भी योगदान किया है।
विज्ञापन
5 of 8
om puri
ओमपुरी ने बचपन में बहुत संघर्ष किया। पांच वर्ष की उम्र में ही वे रेल की पटरियों से कोयला बीनकर घर लाया करते थे। सात वर्ष की उम्र में वे चाय की दुकान पर गिलास धोने का काम करने लगे थे। वह सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर कॉलेज पहुंचे। हालांकि इस दौरान भी वह छोटी-मोटी नौकरियां करते रहे।
विज्ञापन
6 of 8
om puri
कॉलेज में ही 'यूथ फेस्टिवल' में नाटक में हिस्सा लेने के दौरान उनका परिचय पंजाबी थिएटर के पिता हरपाल तिवाना से हुआ और यहीं से उनको वह रास्ता मिला जो आगे चलकर उन्हें मंजिल तक पहुंचाने वाला था। पंजाब से निकलकर वे दिल्ली आए, एन.एस.डी. में भर्ती हुए। लेकिन अपनी कमजोर अंग्रेजी के कारण वहां से निकलने की सोचने लगे।
विज्ञापन
7 of 8
om puri
इन्हीं दिनों में वे इब्राहिम अल्काजी से मिले और उन्होंने उनकी यह कुंठा दूर की। उन्होंने ओमपुरी को हिन्दी में ही बात करने की सलाह दी। धीरे-धीरे वे अंग्रेजी भी सीखते रहे। 1976 में पुणे फिल्म संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ओमपुरी ने लगभग डेढ़ वर्ष तक एक स्टूडियो में अभिनय की शिक्षा दी। बाद में ओमपुरी ने अपने निजी थिएटर ग्रुप मजमा की स्थापना की।
उन्होंने अपने जीवन में 300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है। ओम पुरी ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत मराठी नाटक पर आधारित फिल्म 'घासीराम कोतवाल' से की थी। वर्ष 1980 में रिलीज फिल्म आक्रोश ओम पुरी के सिने करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई। ओम पुरी ने 1993 में नंदिता पुरी से शादी की थी, लेकिन 2016 में वे अलग हो गए थे।