ईमानदारी के प्रति सकारात्मक सोच, देश सेवा की ललक और चुनौतियों से जूझने का जज्बा, नव्या सिंगला के व्यक्तित्व में ये सब बिलकुल साफ नजर आते हैं। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 102वां रैंक पाया। ट्राइसिटी की वह टॉपर हैं। पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता प्राप्त की। 23 साल की नव्या में आत्मविश्वास गजब का है।
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यूपीएससी टॉपर पंचकूला की नव्या सिंगला
मंगलवार को वह अपनी मां के साथ अमर उजाला के दफ्तर पहुंचीं। इस दौरान उनसे लंबी बातचीत हुई। उनकी सफलता की राह जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की गई कि एक आईएएस के तौर पर उनकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
सवाल- आईएस बनना कितना मुश्किल है?
जवाब- यह सबसे बड़ी परीक्षा है। किसी बड़े मुकाम पर पहुंचना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन अगर आप शिद्दत से मेहनत करें, आपकेपास सुविधाएं और परिवार का सहयोग मिले तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। मेहनत का नतीजा आने में देर हो सकती है, लेकिन मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
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सवाल- आईएएस ही क्यों बनना चाहती थीं?
जवाब- मेरे एक पारिवारिक रिश्तेदार हैं, जो आईएएस हैं। उनका मुझ पर काफी प्रभाव रहा है। मैं एक बार उनके साथ असम गई। तब उनकी पोस्टिंग वहीं पर थी। मैंने देखा कि उनकी मेहनत और आइडिया से हर तरफ गेहूं के खेत लहलहा रहे हैं। आइडिया और सोच से बेकार जमीन को उपजाऊ बना दिया। तभी लगा कि कोई ऐसा ओहदा होना चाहिए, जिस पर रहते हुए समाज केलिए काम किया जा सके।
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सवाल- यदि आप आईएएस न होतीं तो किस क्षेत्र में कैरियर बनातीं
जवाब- मकसद पहले से ही तय था कि सोसायटी के लिए काम करना है। अगर सिविल सर्विस में न जाती तो इकोनॉमिक्स की पढ़ाई को आगे बढ़ातीं। जेएनयू से मास्टर की पढ़ाई करने के बाद विदेश में पढ़ाई करने का लक्ष्य था, ताकि वापस आकर समाज के लिए कुछ बेहतर काम कर सकूं।
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सवाल- आईएएस की तैयारी कब से शुरू की?
जवाब- जब नौवीं क्लास में थीं, तभी सोच लिया था कि आईएएस बनना है, लेकिन इसकी तैयारी ग्रेजुएशन के बाद शुरू की। परिवार की ओर से कहा गया था कि जो पढ़ाई कर रही हो, पहले उसे अच्छे से करो। बाद में अगली मंजिल के लिए जी-जान से जुटो।
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सवाल- यूपीएससी की परीक्षा में एडिशनल सब्जेक्ट कितना जरूरी है?
जवाब- एडिशनल सब्जेट बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ही रैंक बनता है। पैटर्न के सब्जेक्ट तो क्लीयर करने के लिए हैं, लेकिन रैंक लाने के लिए एडिशनल सब्जेक्ट होना जरूरी है। एडिशनल सब्जेक्ट वही लेना चाहिए, जिसमें आप मजबूत हों। ऐसा नहीं होना चाहिए कि जो सब ले रहे हैं, वही हम भी ले लें।
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सवाल- पहली कोशिश में आफिसर, बारहवीं में कॉमर्स की टॉपर। तब और अब की नव्या में क्या फर्क है?
जवाब- मैं काफी बदल गई हूं। समय के साथ नजरिया बदल ही जाता है। उस वक्त इतनी मेहनत नहीं की थी, लेकिन अब काफी मेहनत करनी पड़ी। काफी कुछ पीछे छोड़ना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि आप टॉपर हैं, तो आपको कुछ स्पेशल ट्रीटमेंट मिलेगा। आपसे आगे और भी हो सकते हैं।
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यूपीएससी टॉपर पंचकूला की नव्या सिंगला
सवाल- आपको क्या लगता है कि किस कैडर में काम करने का मौका मिलेगा?
जवाब- पता नहीं। जहां भी मौका मिलेगा, वहां पर काम करूंगी। पूरा देश अपना है।
सवाल- आप किस तरह से काम करना चाहेंगी?
जवाब- निर्भर करता है हालात कैसे हैं? शहरी और ग्रामीण इलाकों की अपनी अलग-अलग जरूरतें हैं। काम करने का अंदाज एरिया पर निर्भर करता है। यदि गुड़गांव में काम कर रहे हैं तो वहां पर शहरीकरण फोकस रखना पड़ेगा। मेवात में काम करने वाले को लिंगानुपात पर काम करना होगा।
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यूपीएससी टॉपर पंचकूला की नव्या सिंगला
सवाल- जीवन की कोई बात, जिसने आपको प्रेरित किया हो?
जवाब- एक बार मामा की गाड़ी और ट्रैक्टर में टक्कर हुई। गाड़ी का काफी नुकसान हुआ तो ट्रैक्टर वाले ने मुआवजे के तौर पर 30 हजार रुपये दिए। मामा की गाड़ी पूरी तरह इंश्योर्ड थी। उसे ठीक कराने में सिर्फ पांच हजार रुपये लगे। किसी तरह मामा ने उस ट्रैक्टर वाले को तलाश कर 25 हजार रुपये लौटाए। यह बात मुझे बहुत मोटीवेट करती है।
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यूपीएससी टॉपर पंचकूला की नव्या सिंगला
सवाल : पापा के अलावा ऐसा कौन सा व्यक्ति है, जिससे आपको प्रेरणा मिलती हो
जवाब : मेरे पापा के एक दोस्त हैं, जो आईएएस हैं। वह टेलीकॉम सेक्रेटरी हैं। जब भी मैं उनके घर जाती हूं तो उनके दीवारों पर विदेश के नामी कालेजों के डिप्लोमा सर्टिफिकेट टंगे रहते हैं। उन्हें देखकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है।
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Navya Singla and Ashu Singla
सवाल- सरकार की नीतियों केबारे क्या सोचती हैं?
जवाब- नीतियां हमेशा ही अच्छी बनती हैं। फर्क पड़ता है उन्हें कितने प्रभावी ढंग से लागू किया गया। किसी भी योजना का रिजल्ट लेने के लिए उसका प्रचार करना बेहद जरूरी है। इसी का नतीजा है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत जैसे अभियान धरातल पर हैं।
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नव्य सिंगला
सवाल- सोशल मीडिया केबारे में आपका क्या नजरिया है?
जवाब- मैं किसी सोशल साइट पर नहीं हूं। लेकिन यह बुरा नहीं है। मेरा न होना, मेरा अपना सोच है। लेकिन सोशल साइटस पर काफी कुछ नया जानने को है। आजकल तो कई एक्सपर्ट ने अपने फेसबुक पेज बना रखे हैं। उसमें कई ऐसी जानकारियां होती हैं, जो काफी मददगार साबित होती हैं।
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यूपीएससी टॉपर पंचकूला की नव्या सिंगला
आईएएस की तैयारी कर रहे स्टूडेंट के लिए नव्या के पांच टिप्स
1. हर मौके को आखिरी मानकर परीक्षा दें। दिमाग में यह बिलकुल भी न आने दें कि और भी मौके पड़े हैं।
2.जिसे गाइड बनाएं, उसे अच्छे से फालो करें। सभी के पीछे मत भागें।
3.लिखने की प्रेक्टिस बहुत जरूरी है। परीक्षा में स्पीड का काफी महत्व है।
4.ओप्शनल सब्जेक्ट ऐसा चुनें, जिसमें आप मजबूत हों और आपकी रुचि हो।
5.कुछ चीजों को त्यागना पड़ता है। जैसे कि मैंने दोस्तों से मिलने की आदत, सगे संबंधियों और घूमने की आदतें दो साल के लिए त्याग दी थीं। दो साल के संघर्ष के बाद परिणाम अच्छे मिलते हैं।
नव्या सिंगला का जीवन परिचय
नव्या का जन्म 25 मई 1994 को चंडीगढ़ में हुआ था। प्राथमिक शिक्षा सेक्रेड हार्ट और 11-12वीं की पढ़ाई चंडीगढ़ के भवन विद्यालय में हुई। ग्रेजुएशन दिल्ली के श्रीराम कालेज। मास्टर जेएनयू से। नव्या के पिता सुरेश सिंगला पंचकूला में आरथोपीडिक्स सर्जन हैं। मां रेनू सिंगला बद्दी के डेंटल कालेज में कार्यरत हैं।