इस बेमिसाल युवक से मिलिए। दौड़ती हुई बुलेट पर अलग-अलग स्टाइल की पगड़ी बांध लेता है और वर्ल्ड रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम पर है।
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रनिंग बुलेट पर पगड़ी बांधने में माहिर मंजीत सिंह
फिरोजपुर (पंजाब) के पल्लवुला गांव के रहने वाले हैं मंजीत सिंह फिरोजपुरिया। इनके नाम पर 22 सेकेंड में पगड़ी बांधने का वर्ल्ड रिकार्ड दर्ज है।
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रनिंग बुलेट पर पगड़ी बांधने में माहिर मंजीत सिंह
मंजीत दौड़ती हुई बुलेट, मोटरसाइकिल पर खड़े होकर, बाइक चलाते हुए और आंखों पर पट्टी बांधकर भी आसानी से पगड़ी बांध लेते हैं। 60-70 स्टाइल की पगड़ी बांधने के साथ ट्रेनिंग भी देते हैं। मंजीत जर्मनी, हॉलैंड, पोलैंड, बेल्जियम, फ्रांस, इटली, आस्ट्रिया, स्पेन, सिंगापुर, मलेशिया, कनाडा आदि देशों में जाकर सिख युवाओं को पगड़ी बांधने की ट्रेनिंग दे चुके हैं।
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रनिंग बुलेट पर पगड़ी बांधने में माहिर मंजीत सिंह
मंजीत सिंह अभी अमृतसर एवं बठिंडा में लोगों को पगड़ी बांधना सिखाते हैं। मंजीत सिंह 350वें प्रकाशोत्सव पर पटना पहुंचे तो यहां पर उन्होंने लोगों को पगड़ी बांधने की ट्रेनिंग दी। गांधी मैदान में उन्होंने अपना डेरा जमाया था। अब वे गतका के लिए बने स्टेडियम के एक छोर में पगड़ी बांधने का काम शुरू कर दिया है।
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रनिंग बुलेट पर पगड़ी बांधने में माहिर मंजीत सिंह
मंजीत सिंह कहते हैं कि कई देशों में गया। इज्जत, शोहरत, पैसा सबकुछ कमाया, लेकिन गुरु महाराज की जन्मभूमि नहीं आ पाया था। बहुत इच्छा थी यहां आने की। 350वें प्रकाशोत्सव में आने का मौका मिला, धन्य हो गया जी। वाहे गुरु की कृपा से सबके मन की मुराद पूरी हो।
मंजीत सिंह कहते हैं कि दस्तार यानी पगड़ी बांधने की परंपरा को बढ़ावा देने के लिए 2006 में बठिंडा में ऑफिस खोला। क्योंकि आज की युवा पीढ़ी अपनी सभ्यता-संस्कृति को भूलती जा रही है। ऐसे में युवाओं को प्रेरित करने के लिए, मोटिवेट करने के लिए पगड़ी बांधने की ट्रेनिंग शुरू की।