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देखिए गजब का एक स्कूल, जहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं, तपती गर्मी पेड़ के नीचे लगती हैं कक्षाएं

Sat, 07 Jul 2018 05:26 PM IST
महेंद्र सुथार, अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
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सरकारी स्कूल में कक्षाएं
देखिए देश में एक गजब का स्कूल, जहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं। तपती चुभती गर्मी में लोग घर से बाहर नहीं निकलते और यहां बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ते हैं। वाटर कूलर ठप हैं, पीने का पानी भी गर्म हो जाता। ऐसे में अगर गर्मी लगने पर बच्चे बीमार हो जाएं तो किसकी कमी निकाली जाए।

 
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सरकारी स्कूल में कक्षाएं
ये स्कूल देखने को मिला, हरियाणा में सिरसा जिले के गांव शेरपुरा में। यहां गर्ल्स और ब्वॉयज प्राइमरी स्कूल में पिछले तीन सालों से बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। दोनों स्कूलों का करीब 30 हजार रुपए बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया है। इसलिए तीन साल से न केवल विद्यार्थी, बल्कि टीचर भी परेशानी में हैं। गर्मी में उन्हें बिना पंखे के क्लासरूम में पढ़ाना पड़ता है। अब गर्मी इतनी है कि बच्चे भी परेशान हो जाते।
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सरकारी स्कूल में कक्षाएं
बच्चों की परेशानी देखते हुए टीचर्स अब पेड़ के नीचे क्लास लगाते हैं। हालांकि वहां भी धूप की आंच रहती है, लेकिन क्या करें कमरे के अंदर की गर्मी से तो निजात मिल जाती है। गर्ल्स स्कूल में 105 बच्चियां शिक्षा ग्रहण करने के लिए आती हैं तो ब्वॉयज स्कूल में करीब 85 बच्चे हैं। स्कूलों के हैड टीचर कई दफा विभाग को लिखित में इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्टाफ ने स्वयं के खर्चे पर अस्थाई तौर पर तार लाकर लगाई, लेकिन छुट्टियों में कोई तार चुराकर ले गया।

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सरकारी स्कूल में कक्षाएं
बिजली न होने से पंखे, वाटर कूलर व एजूसेट सिस्टम पड़े हैं ठप      
गर्ल्स स्कूल के हैड टीचर पाल सिंह ने बताया कि स्कूल में बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण पंखे, वाटर कूलर व एजूसेट बंद पड़े हैं। समस्या के बारे में विभाग को कई बार लिखा गया, लेकिन फंड न आने की दुहाई देकर विभाग द्वारा इतिश्री कर ली गई। छुट्टियों से पहले स्वयं के खर्चे पर तार लाकर अस्थायी रूप से कनेक्शन जोड़ा गया था, लेकिन छुट्टियों के बाद लौटे तो तार ही गायब मिली। यहीं नहीं स्कूल से चोर तीन एलईडी भी चुराकर ले गए।
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बिजली का बिल
दोनों स्कूलों का करीब 30 हजार रुपए बिल है बकाया       
दोनों स्कूलों के हैड टीचर ने बताया कि उनके कार्यकाल संभालने के वक्त दोनों स्कूलों का करीब 40 से 45 हजार रुपए बिल बकाया था। उन्होंने दो बार में सरकार की ओर आए फंड से कुछ राशि निगम को अदा कर दी, ताकि कनेक्शन न कटे और बच्चों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। अब भी करीब 30 हजार रुपये दोनों स्कूलों का बकाया है। सरकार की ओर से सालाना 2 से 3 हजार रुपये फंड आता है, जो नाकाफी है। फंड न आने से बच्चों के साथ उन्हें भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

 
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cold water
मिड-डे-मील वर्कर घरों से बर्फ लाकर पिलाती हैं ठंडा पानी       
स्कूल में वाटर कूलर तो है, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण वह नकारा पड़ा है। स्कूल में पानी की टंकी तो है, लेकिन धूप में होने के कारण इसका पानी गर्म हो जाता है। स्कूल में तैनात मिड-डे-मील वर्कर्स अपने घरों से बर्फ लेकर आती हैं और पानी में मिलाकर बच्चों को ठंडा पानी पिलाती हैं।
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गांव
स्कूल टीचर्स ने मुझे कुछ माह पूर्व समस्या से अवगत करवाया था। जिसके बाद एक बार अस्थायी रूप से तार लगवाकर कनेक्शन जोड़ा गया था। उसके बाद क्या हुआ मुझे नहीं पता। न ही मुझे इस बारे बताया गया। स्कूल में जाकर पता करूंगा और समस्या को दूर करने का प्रयास करूंगा।       
- सुखवीर गोदारा, सरपंच गांव शेरपुरा
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