फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिलिए जानवरों के इस 'जबरा फैन' से, पशु-पक्षियों के लिए रखे हैं सर्जन, अब तक बचाई हजारों की जान

Tue, 25 Jun 2019 05:02 PM IST
खुशबू गोयल महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 5
पशु प्रेमी जगदीश मलिक - फोटो : अमर उजाला
आपने तरह-तरह के पशु प्रेमी देखे होंगे, लेकिन आज हम आपको जिनके बारे में बताने जा रहे हैं, उनका पशु-पक्षी प्रेम जानकर आप हैरान हो जाएंगे।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
पशु प्रेमी जगदीश मलिक - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड फिल्म रोबोट 2.0 में जिस तरह अभिनेता अक्षय कुमार को पक्षी प्रेमी के रूप में दिखाया और उन्हें पक्षीराजन नाम दिया गया। ठीक उसी तरह से रोहतक की भरत कॉलोनी में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जगदीश मलिक भी पक्षीराजन की भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2007 से लेकर अब तक हरियाणा के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़ और यूपी में कई लावारिस पशु-पक्षियों का इलाज कर चुके हैं। वे अब तक हजारों पशु-पक्षियों की जान बचा चुके हैं।
विज्ञापन

3 of 5
पशु प्रेमी जगदीश मलिक - फोटो : अमर उजाला
इस काम के लिए उन्होंने लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ का निर्माण किया है। इस नेक काम के लिए कई सामाजिक संगठन जगदीश मलिक को सम्मानित कर चुके हैं। कहा जाता है कि जगदीश मलिक को जहां से भी किसी पशु या पक्षी के घायल होने की खबर मिलती है, तो वे मौके पर पहुंचकर उसका इलाज करते हैं। डॉ. जगदीश जगदीश मलिक ने बताया कि वर्ष 2005 में वेटरनरी का डिप्लोमा किया था। भरत कॉलोनी में अपने घर के एक कमरे में वे पशु और पक्षियों का इलाज करते हैं।

4 of 5
पशु प्रेमी जगदीश मलिक - फोटो : अमर उजाला
देखभाल के लिए रखे हैं सर्जन और सहायक
पशु और पक्षियों की देखभाल के लिए जगदीश मलिक ने एक वेटरनरी सर्जन, पांच असिस्टेंट सर्जन के अलावा 10 सहायक और अन्य कर्मचारियों को रखा हुआ है। सर्जन को प्रति माह तीस, जबकि सहायक को 12 से लेकर 20 हजार रुपये तक दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के सहयोग से पशु-पक्षियों की देखभाल का खर्च उठाया जा रहा है और सर्जन को वेतन दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पशु प्रेमी जगदीश मलिक - फोटो : अमर उजाला
नाम से पुकारते ही तुरंत पास आ जाते हैं पशु-पक्षी
जगदीश मलिक ने रोहतक में आईजी कार्यालय के अलावा भिवानी रोड, बहु अकबरपुर, खरावड़, सनसिटी में करीब दो हजार से अधिक लावारिस पशु, गाय, बैल, गधा, बंदर, मोर, कबूतर, चिड़िया का भी इलाज किया है। जगदीश मलिक बताते हैं कि उन्होंने पक्षियों और जानवरों को सविता, बबीता, सोनू, मोनू, कालू, प्यारा नाम दिया है। नाम से पुकारते ही वे पशु और पक्षी तुरंत उनके पास आ जाते हैं। ठीक होने पर पक्षियों को उड़ा दिया जाता है, जानवरों को रख लेते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें