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पिता को अंतिम विदाई तक देना नहीं चाहते विदेशी बच्चे

Thu, 04 Jun 2015 07:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंध्ार(पंजाब)
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मरने वाले का नाम रणजीत सिंह था और वे यूके के वोल्हेंपटन में स्थित होटल रमाडा में मालिक थे। रणजीत सिंह का शव 24 दिन बाद काफी गली-सड़ी हालत में मिला है। शव रोपड़ (शव फेंकने वाले स्थान) से 160 किलोमीटर दूरी पर अंबाला से पिहोवा रोड पर नहर में मिला है। रणजीत के दोस्त दर्शन सिंह ने शव के हाथ में पहने कड़े से ही उसकी पहचान की थी।
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पिता को अंतिम विदाई तक देना नहीं चाहते विदेशी बच्चे

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परिवार रणजीत सिंह के अंतिम संस्कार तक में शरीक होने से घबरा रहा है। उनके बच्चे ज्ञान पोवार और ऐमा पोवार ने अपने पारिवारिक दोस्त दर्शन सिंह से कहा है कि ‘वी कान्ट कम टू इंडिया, वी कॉन्ट सी डैड इन दिस पोजीशन’। रणजीत के भाई अमरीक सिंह पोवार यूके लौट गए हैं और फोन पर ही दर्शन सिंह से अपडेट ले रहे हैं। पुलिस के लिए इस केस का सबसे अहम सबूत डीएनए का मिलान है।

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लेकिन पुलिस के लिए इस मामले में डीएनए टेस्ट करवाना अहम सबूत है, जिसकी भविष्य में प्रत्यार्पण में काफी अहमियत होगी। ऐसे में एडीसीपी अमरीक सिंह पोवार, एसीपी बलविंदर इकबाल सिंह काहलों ने दर्शन सिंह से कहा है कि वह डीएनए टेस्ट के लिए ज्ञान या ऐमा को इंडिया बुला लें और उनको अंतिम संस्कार में शरीक होने के लिए भी कहा जाए।

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दर्शन सिंह ने साफ कहा है कि दोनों बच्चे काफी डरे हुए हैं और उन्होंने तो कभी इंडिया की धरती पर पांव भी नहीं रखा है। पिता रणजीत सिंह की गली लाश की फोटो देखकर ही उनकी हालत खराब हो चुकी है। दोनों बच्चों ने साफ कह दिया है कि उन्हें ऐसी फोटो भी न भेजी जाए, वह पिता को ऐसे नहीं देख सकते। रणजीत के भाई अमरीक सिंह की हालत भी ठीक नहीं है और उनकी मां भी आने की स्थिति में नहीं है।

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पुलिस ने आश्वासन दिया है कि एयरपोर्ट से लेकर श्मशान घाट और सिविल अस्पताल तक पुलिस अपनी पायलट गाड़ियों से परिवार को पूरी सुरक्षा देने के लिए तैयार है। दर्शन सिंह ने परिवार से दोबारा बात करने के लिए मोहलत मांगी है। रणजीत सिंह के भाई अमरीक सिंह पोवार ने जालंधर में अपने निकटवर्ती गुलशन कुमार को अपना अथॉरिटी लेटर भेज दिया है ताकि पोस्टमार्टम से लेकर जो कानूनी कदम उठाने हैं, वह उठा सकें।

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इस लेटर में उनको शव यूके तक लाने की भी अथॉरिटी दी गई है। पुलिस का कहना है कि लाश काफी गल चुकी है और उससे मांस खुद ब खुद झड़ रहा है। ऐसी स्थिति में लाश को वापस यूके नहीं भेजा सकता। चूंकि शव की शिनाख्त सिर्फ कड़े से हुई है, इसलिए पुलिस ने शव की लंबाई इंचीटेप से मापकर ब्यौरा जमा किया। यूके में वेयर हाउस चलाने वाले दर्शन सिंह ने शव की शिनाख्त की है। उनका कहना है कि उनकी और रणजीत की दोस्ती 25 साल पुरानी है।

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उधर जालंधर में यूके के होटेलियर रणजीत सिंह के शव का मंगलवार को पुलिस के आग्रह पर चिकित्सकों के एक बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस बोर्ड में फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. राकेश चोपड़ा, पैथोलोजिस्ट डॉ. दविंदरपाल सिंह और ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. इंदरपाल सिंह को शामिल किया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान एडीसीपी सिटी-2 अमरीक सिंह, एसीपी माडल टाउन बलविंदर इकबाल सिंह काहलों, एसीपी कंट्रोल रूम जसबीर राय मौजूद रहे।
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एसीपी कंट्रोल रूम जसबीर सिंह राय का कहना है कि इस शव को रास्ते में कई गोताखोरों ने भी देखा था लेकिन इसके बारे में किसी को नहीं बताया। एक गोताखोर ने फोटो से रणजीत सिंह की पहचान की और कहा कि शव इसी व्यक्ति का था, जो कुछ दिन पहले उसने रास्ते में देखा था।

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