अब अपनी बाइक को टैक्सी की तरह चलाएं और पैसा कमाएं। इसके लिए ये शर्तें पूरी करनी होंगी, अगर ऐसा नहीं किया तो पछताना पड़ सकता है।
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बाइक से पैसे कमाएं, उसे टैक्सी जैसे चलाएं
देखने में आया है कि चंडीगढ़ में प्रशासन की अनुमति के बिना ही उबर कंपनी ने अपनी बाइक टैक्सी सड़कों पर दौड़ा दीं। प्राइवेट कंपनियों ने पॉलिसी तैयार होने का इंतजार भी नहीं किया। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पॉलिसी तैयार करेगा कि बाइक टैक्सी का कम से कम किराया कितना रखा जाएगा और प्रति किलोमीटर ग्राहक से कितना लिया जाएगा।
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बाइक राइड
उबर कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि बाइक टैक्सी सर्विस के लिए बेस फेयर 15 रुपये वसूल किए जा रहे हैं। यानी उबर एप पर बाइक टैक्सी सर्विस के लिए बुकिंग करते समय ही बेस फेयर देना पड़ेगा। उबर कंपनी बाइक टैक्सी सर्विस के लिए अपने कस्टमर से 5 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज कर रही है। इसके अलावा प्रति मिनट का एक रुपये अलग से चार्ज किया जा रहा है।
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बाइक राइड
यानी अगर कोई उबर बाइक टैक्सी सर्विस लेता है, अगर किसी को बाइक से 2 किलोमीटर का सफर तय करना है, तो उसे बेस फेयर के रूप में पहले 15 रुपए, उसके बाद 2 किलोमीटर के हिसाब से 10 रुपये और अगर 10 मिनट का समय लगता है तो उसे 10 रुपये अलग से देने होंगे। यानी दो किलोमीटर के सफर के लिए कुल 35 रुपये लगेंगे।
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बाइक राइड
बाइक टैक्सी सर्विस लाइसेंस होल्डर के लिए शर्तें
लाइसेंस होल्डर को सभी बाइक और उसके चालक का रिकॉर्ड रखना होगा। सभी बाइक चालकों की पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। लाइसेंस होल्डर को शिकायत बुक भी रखनी होगी। यूनिफॉर्म में होंगे बाइक चालक, वर्दी पर लगानी होगी नेम प्लेट। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बाइक टैक्सी के लिए सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस देगी। पॉलिसी के तहत सर्विस प्रोवाइडर को जगह जगह बाइक टैक्सी सर्विस प्वाइंट बनाने होंगे।
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बाइक राइड
नहीं लिए लाइसेंस तो आरएलए रद्द कर देगा
नियमों के मुताबिक आरएलए व एसटीए से परमिट व लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके बावजूद उबर कंपनी ने बिना मंजूरी के शहर में बाइक टैक्सी सर्विस शुरू कर दी है। एसटीए के अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी या अनुशासनहीनता, सर्विस प्रोवाइडर द्वारा रिकार्ड न रखने, तय रेट से ज्यादा रेंट वसूलने, लाइसेंस होल्डर द्वारा बाइक चालकों की पुलिस वेरिफिकेशन न कराने पर एसटीए व आरएलए लाइसेंस रद्द कर सकेंगे।
बिना पॉलिसी व नोटिफिकेशन के किसी भी कंपनी द्वारा सर्विस शुरू करना गलत है, उबर ने डिपार्टमेंट से कोई मंजूरी नहीं ली है, हम जल्द ही कंपनी पर कार्रवाई करेंगे।
- राजीव तिवारी, अतिरिक्त सचिव, एसटीए
कंपनी इसे ट्रायल बेस पर चला रही है। जल्द ही इसकी मंजूरी प्रशासन से ली जाएगी।
- शंकर राधाकृष्णन, प्रवक्ता, उबर कंपनी