श्रद्धा या प्रकृति से खिलवाड़
Sun, 02 Feb 2014 10:51 AM IST
लोगों को भी पता है कि सुखना में कुछ भी गिराना प्रतिबंधित है, बावजूद इसके वे लोग ऐसा करते हैं।
श्रद्धा या प्रकृति से खिलवाड़
हैरत की बात है कि प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, बल्कि एक बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर रहा है।
श्रद्धा या प्रकृति से खिलवाड़
इससे सुखना के किनारों का पानी प्रदूषित हो रहा है और पक्षियों की जिंदगी खतरे में पड़ रही है।
श्रद्धा या प्रकृति से खिलवाड़
अपनी सुख और स्वार्थों की पूर्ति करने के चलते लोग पूजा-अनुष्ठान करते हैं और सुखना में तेल डाल जाते हैं।
श्रद्धा या प्रकृति से खिलवाड़
सुखना लेक में चहचहाने वाले पक्षियों की जिंदगी दाव पर लगी हुई है।