एक हसीना, तीन दीवाने। दीवानगी ऐसी कि तीनों कभी लंबी छलांग लगाते हैं तो कभी पलक झपकते पेड़ पर चढ़ जाते हैं। पिंजरे के बाहर निकली जालियां उनकी असीम ताकत का गुमान करवाती हैं।
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रोमांचित कर देगी आपको तेंदुए की अजब प्रेम कहानी
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आपको बता देते हैं कि यह हैं छतबीड़ के तीन तेंदुए और मादा तेंदुआ की प्रेम कथा। जिसका नाम है बिजली (मादा तेंदुआ)। इन प्रेम दीवानों के नाम हैं रेमो, हंसा और अभय। हां, दीवानगी चाहे कितनी भी हो पर यह झगड़ते नहीं।
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छतबीड़ में इन तेंदुओं की यह प्रेम कहानी शुरू हुई करीब डेढ़ साल पहले। उस समय बिजली छतबीड़ के चिड़ियाघर में आई थी। उसका पहला आशिक बना रेमो। रेमो हमेशा उसके करीब रहता था। धूप है तो रेमो बिजली के लिए छांव छोड़कर खुद धूप में बैठ जाता। वहीं अभय और हंसा यहां लंबी लंबी छलांग लगाकर उसका ध्यान अपनी ओर खींचने में लगे रहते हैं।
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नई दिल्ली से लाई गई बिजली काफी तेज तर्रार है। उसको कुछ पसंद नहीं आता तो गुर्राती है और अगर कुछ पसंद आता है तो प्यार जताने में जरा देर नहीं लगाती। जू कीपर लज्जा राम ने कहा कि वह काफी एक्टिव रहती है। पलक झपकते ही करीब दस मीटर की छलांग मारती है।
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बिजली और उसके दीवाने दोस्त रोजाना चार-चार किलो बीफ खाते हैं। उसके साथ ही इन सभी को पौंड में स्नान करने का काफी शौक है। वह चार बार स्नान करते हैं। छतबीड़ जू में कुल ग्यारह तेंदुए हैं। उसमें किन्नर, शालू, हैरी, हमर शामिल हैं। छतबीड़ जू का सबसे एक्टिव भाग यही है जहां हमेशा पब्लिक को लेपर्ड एक्टिव मिलते हैं।
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अफ्रीका से आने के बाद हिंदुस्तानी बना जैगुआर ईशू अभी तक अपने साथी की तलाश कर रहा है। उसके लिए एक मादा जैगुआर की खोज चल रही है। ईशू अकेला रहते हुए पब्लिक फ्रेंडली बन चुका है। उसको लोगों के संग फोटो सेशन करवाने में खूब मजा आता है। छज्जू राम ने बताया कि ईशू अपने नाम को अच्छी तरह पहचानता है। सबसे अच्छी बात यह है कि वह ज्यादा गुस्साता नहीं।
लेपर्ड और जैगुआर में काफी तेजी होती है। यह दोनों ही जानवर लंबी जंप मारते हैं, इसीलिए इनको खुले बाड़े में नहीं रखा गया है। उनके लिए बंद पिंजरा है। इन सभी की खूबी दिखाई पड़ती है पिंजरों में लगे पेड़ों पर जहां उनके पैरों के निशान रहते हैं।