पासपोर्ट और वीजा को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसके बारे में सभी को जरूर पता होना चाहिए। अगर आपने इग्नोर कर दी तो बुरी तरह पछताएंगे।
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आपका बेटा कनाडा पहुंच जाएगा.. यह देखो पासपोर्ट पर लगा हुआ वीजा.. बस आप पैसा लेकर बच्चों की फ्लाइट जल्द से जल्द करवा दो। पैसा एजेंट ने हजम कर लिया, बच्चे गए जेल में। युवकों में विदेश जाने के लिए लगी होड़ के कारण फर्जी ट्रेवल एजेंट उनका जहां जमकर शोषण कर रहे हैं, वहीं अब इन कबूतरबाजों ने थाईलैंड की राजधानी बैंकाक और मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में बिकने वाले यूरोपियन देशों और उत्तरी अमरीकी देशों के वीजा स्टिकरों की मदद से मासूम युवकों को ठगना शुरू कर दिया है।
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- फोटो : demo
फर्जी ट्रेवल एजेंट यह फर्जी वीजा स्टीकर 50 रुपये से लेकर 5 हजार तक में खरीदते हैं, जिसको आगे लाखों रुपये में बेचा जाता है। कनाडा के लिए जहां 25 लाख रुपये वसूले किए जाते हैं वहीं यूरोप के छोटे देशों के लिए पांच से 10 लाख रुपये लिए जाते हैं। हाल ही में चंडीगढ़ सेक्टर-8 स्थित इमीग्रेशन कंपनी से वीजा बनवाकर बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट से कनाडा की फ्लाइट पकड़ने गए चंडीगढ़ के तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया थ। नकली वीजा होने के कारण उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया।
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साथ ही तीनों को फ्लाइट में बैठाने गए वीजा बनाने वाली कंपनी के मालिक को भी पुलिस ने उन युवकों की शिकायत पर गिरफ्तार कर लिया। तीनों में से एक चंडीगढ़ पुलिस के हवलदार दिलावर सिंह का बेटा अर्जुन सिंह और अजीत और आकाशदीप शामिल हैं। ठगी के शिकार गिरफ्तार युवकों के परिजनों की शिकायत पर चंडीगढ़ सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इमीग्रेशन कंपनी के मालिक विनायक महेश्वरी के खिलाफ धारा 420, 468 और 471 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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अर्जुन ठाकुर, अजीत और आकाशदीप कनाडा जाने के लिए सेक्टर-8 सी स्थित कॉफी होटल्स एंड रेस्टोरेंट एससीओ नंबर 126-127 के मालिक विनायक महेश्वरी से मिले थे। विनायक महेश्वरी ने दो-दो लाख रुपये लेकर कनाडा जाने का वीजा बनवाया। बुधवार को उन्हें कनाडा की फ्लाइट में बैठाने महेश्वरी युवकों के साथ दिल्ली एयरपोर्ट गए थे। गेट पर चेकिंग के दौरान तीनों पकड़े गए। वहीं गुरदीप सिंह और सुलिंदर सिंह को फिलीपींस में गिरफ्तार कर लिया गया।
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नौकरी की चाहत में दोनों फिलीपींस गए थे। एक भारतीय एजेंट ने ढाई-ढाई लाख रुपये लेकर उन्हें वीजा दिलवाया था। फिलीपींस की राजधानी मनीला पहुंचने पर आव्रजन अधिकारियों ने फर्जी वीजा पकड़ में आने पर दोनों को धर दबोचा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दोनों ने आव्रजन अधिकारियों को बताया कि नौकरी का वीजा फर्जी होने की उन्हें जानकारी थी। लालच में वह खुद को नहीं रोक पाए। जानकारी के मुताबिक गुरदीप सिंह और सुलिंदर एक दोस्त के जरिए अशोक कुमार नाम के दलाल से मिले थे। उसने दोनों को फिलीपींस में अच्छी नौकरी दिलवाने की बात कही थी।
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फगवाड़ा में एक कबूतरबाज द्वारा युवक को साइप्रस भेजने का सब्जबाग दिखा उससे लाखों रुपये की ठगी कर ली। अमनिंदर सिंह पुत्र अमरजीत सिंह वासी जलोटा नगर बंगा रोड फगवाड़ा ने पुलिस से खुलासा किया कि उसके साथ आरोपी ट्रेवल एजेंट परविंदर कुमार (मालिक मै. एमपी ट्रैवल्स नजदीक बस स्टैंड जालंधर) ने छह लाख रुपये में उससे विदेश भेजने का सौदा किया और वायदा किया वह उसे महज दो माह में साइप्रस का पक्का वीजा लगवाकर देगा। इसके बाद उसने आरोपी ट्रेवल एजेंट परविंदर कुमार को 3 लाख 65 हजार रुपये और अपना पासपोर्ट दे दिया।
अमनिंदर सिंह ने बताया कि इसके बाद उक्त एजेंट ने उन्हें साइप्रस के वीजा की कापी दी, लेकिन जब उसने इसे साइप्रस की एंबेंसी जाकर चेक करवाया तो उक्त वीजा फर्जी निकला। ठगी के इतने बड़े नेटवर्क सामने आने के बावजूद बैंकाक और क्वालालंपुर में कई लोग तो अपने परिवारों के साथ पिछले कई महीनों से बैठे हुए हैं और कबूतरबाज उन्हें इन फर्जी वीजा की मदद से अमीर देशों में भेजने का झांसा दे रहे हैं। इनमें से कई लोग तो अपने साथ हुई ठगी का खुलासा होते ही इन शहरों से किसी तरह भाग कर वापस पंजाब आ गए हैं।