राजकुमारी अमृत कौर।
स्वतंत्रता सेनानी बनने से पहले गांधी जी ने ली थी परीक्षा
जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद महात्मा गांधी अमृतसर का दौरा करने के बाद जालंधर पहुंचे। वहां पर अमृत कौर की उनसे मुलाकात हुई और उन्होंने उनके साथ जुड़ने की इच्छा जताई। गांधी जी जानते थे कि वह एक राजघराने से है, नाजों से पली-बढ़ी है। आंदोलन के साथ जुड़ना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। गांधी जी उन्हें सेवाग्राम आश्रम ले आए और उन्हें आश्रम में रहने वाले हरिजन की सेवा करना, टायलेट साफ करने का काम दिया गया। पहनने के लिए खादी के कपड़े दिए गए। इस काम को अमृत कौर ने बहुत अच्छी तरह से निभाया और गांधी जी की परीक्षा में भी सफल हुईं।