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तस्वीरें: एक चिता पर तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार, घर में मच गई चीख पुकार, नहीं जले चूल्हे

Tue, 18 Jun 2019 05:42 PM IST
खुशबू गोयल अनिल कुमार, अमर उजाला, हुसैनीवाला बार्डर (फिरोजपुर)
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तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
एक ही चिता पर तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार किया गया। माहौल इतना दर्द विदारक था कि हर आंख नम हो गई। पूरे गांव में घरों में चूल्हे तक नहीं जले, देखिए तस्वीरें।
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तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के फिरोजपुर में सीमांत गांव छीने वाला झुग्गे के पास सतलुज दरिया में सोमवार शाम किश्ती डूबने से तीन लोगों की जान चली गई। जिस समय हादसा हुआ उस समय किश्ती में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें तीन की मौत हो गई, जबकि पांच को बचा लिया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद बचाए गए लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मंगलवार सुबह मृतकों का गांव के श्मशानघाट में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
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तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
बचाए गए लोगों ने बताया कि किश्ती में एक बड़ा छेद था, जिसे प्लास्टिक की बोरी से बंद किया हुआ था। दरिया में पानी का बहाव तेज होने से बोरी निकल गई, जिससे किश्ती में पानी भरने लगा। इसी दौरान चली तेज आंधी की चपेट में आकर किश्ती डूब गई। मरने वालों में जोगिंदर सिंह का 19 वर्षीय बेटा जसपाल सिंह और 22 वर्षीय बेटी सोनिया है, जबकि तीसरी मौत 12 वर्षीय संजना पुत्री हरजीत सिंह की हुई। संजना जोगिंदर की भांजी है।

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तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
जोगिंदर सिंह ने बताया कि दरिया पार उसकी लगभग छह एकड़ जमीन है, जहां धान लगाने का काम चल रहा है। सोमवार सुबह वह खुद सभी को बेड़े से दरिया पार कर खेत में छोड़ कर आए थे। शाम के समय धान लगाकर बच्चे लौट रहे थे कि किश्ती डूब गई। उन्होंने बताया कि घटना शाम छह बजे के आसपास घटी। उस समय दरिया के किनारे दो लोग खड़े थे, जिन्होंने किश्ती को डूबते हुए देखा और शोर मचा दिया।
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तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और दरिया में छलांग लगाकर पांच लोगों को बचा लिया। एक से डेढ़ घंटे बाद तीनों शवों को बाहर निकाला गया। हरजीत ने बताया कि उसकी बेटी संजना आठवीं कक्षा की छात्रा थी, स्कूल में छुट्टियां होने पर वह अपने मामा जोगिंदर के घर पर रहने के लिए आई थी। परिवार के सदस्यों के साथ वह भी धान लगाने के लिए खेतों में चली गई थी और लौटते समय यह हादसा हो गया।
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तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
जोगिंदर सिंह ने बताया कि पहले वह दरिया के किनारे गांव छीने वाला झुग्गे में रहता था, लेकिन हर साल दरिया में पानी का स्तर बढ़ने से गांव में पानी भर जाता था। जिस वजह से उसने दो किलोमीटर दूर गांव झुग्गे ढाणी मेहताब सिंह वाला में जमीन खरीद कर नया मकान बनाया था। एक सप्ताह पहले ही उसका मुहूर्त हुआ था। जिस दरिया के पानी के डर से उन्होंने अपने बच्चों के लिए दरिया से दूर नया मकान बनाया, उसी में डूबकर उनके दो बच्चों की मौत हो गई।
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