तीन भाई-बहनों का अंतिम संस्कार
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बचाए गए लोगों ने बताया कि किश्ती में एक बड़ा छेद था, जिसे प्लास्टिक की बोरी से बंद किया हुआ था। दरिया में पानी का बहाव तेज होने से बोरी निकल गई, जिससे किश्ती में पानी भरने लगा। इसी दौरान चली तेज आंधी की चपेट में आकर किश्ती डूब गई। मरने वालों में जोगिंदर सिंह का 19 वर्षीय बेटा जसपाल सिंह और 22 वर्षीय बेटी सोनिया है, जबकि तीसरी मौत 12 वर्षीय संजना पुत्री हरजीत सिंह की हुई। संजना जोगिंदर की भांजी है।