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तस्वीरें: एक साथ जलीं 3 दोस्तों की चिताएं, एक दूजे के गले लगकर दे दी थी जान...5 सच आए सामने

Thu, 23 Aug 2018 12:41 PM IST
अमित रूखाया/सुशील सिंगला/अमर उजाला, फतेहाबाद/टोहाना
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तीन दोस्तों ने दी जान
तीन दोस्तों ने एक दूसरे को गले लगाकर मौत को गले लगा लिया। तीनों की चिताएं भी एक साथ जलीं, वहीं तीनों को लेकर कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं, आप भी जानिए।
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तीन दोस्तों ने दी जान
नरवाना के कालवन गांव में बुर्जी नंबर 186 के पास रेलवे लाइन पर बुधवार को तीन दोस्तों के शव मिले। दो युवकों की तो गर्दन ही कट गई, लेकिन वे एक दूसरे के गले लगे हुए हैं। इस तरह तीन शव मिलने से लोगों में और पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मृतकों की पहचान फतेहाबाद के कंहड़ी गांव निवासी मोनू (18), अशोक (30) और नवीन (19) के रूप में हुई। रेलवे पुलिस का मानना है कि तीनों ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। तीनों में बहुत गहरी दोस्ती थी। उन्होंने आपस में गले मिलकर मौत को गले लगाया है। मौत के बाद भी तीनों दोस्तों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
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तीन दोस्तों ने दी जान
नवीन 12वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद फोटोग्राफी की दुकान पर काम करने लगा था, जबकि मोनू दसवीं में पढ़ रहा था। अशोक ने टोहाना आईटीआई से इलेक्ट्रिशन का डिप्लोमा किया था। वह गांव में ही बिजली रिपेयर का काम करता था। अशोक के परिवार के युवक अजय ने बताया कि अशोक ने ग्रुप में लिखा है कि यह जिंदगी का आखिरी मेसेज है। इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया। इनमें से मोनू ने एम नैन नामक फेसबुक आईडी पर 21 अगस्त की सुबह सवा नौ बजे लिखा कि अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो दिल से दुआ करो कि तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाए और हमारी जिंदगी भी...। 22 अगस्त को सुबह मोनू और उसके दोस्तों का शव रेल की पटरी पर मिला।

 

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तीन दोस्तों ने दी जान
इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्होंने इससे किसी को संदेश दिया है। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि वह किसी बात से परेशान थे। पुलिस का कहना है कि तीनों अपना अधिकतर समय साथ बिताते थे। मंगलवार को भी तीनों इकट्ठे दोपहर बाद कुरुक्षेत्र जाने की बात कहकर घर से निकले थे। बुधवार को तीनों के शव भी एक साथ मिले। जीआरपी एसएचओ बलवंत सिंह और नरवाना चौकी इंचार्ज सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्हें आत्महत्या करने वाले युवकों में से एक का फोन बजता मिला। इसी से उन्होंने परिजनों को सूचना दी। रेलवे पुलिस तीनों शवों को नागरिक अस्पताल लेकर आई और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
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एक साथ जलीं तीन चिताएं
बुधवार को जिला फतेहाबाद के गांव कंहड़ी में एक साथ तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में मातम पसरा रहा। श्मशान घाट में गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। गांव में पूरे दिन तीनों की दोस्ती की बातें होती रहीं। हर कोई तीनों की मौत के बारे में पता लगाने में जुटा रहा। किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर तीनों ने आत्महत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब तलाशने को पुलिस जांच में जुटी तो तीनों के फेसबुक अकाउंट हाथ लगे। मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए, फिलहाल सुसाइड करने की वजह खंगाली जा रही है।
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‘यारों दा यार’और ‘ओनली स्टेटस’ के नाम से चलाते थे ग्रुप
पुलिस के मुताबिक, तीनों युवकों के सोशल मीडिया प्रोफाइल कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। तीनों युवकों ने अपना एक फेसबुक पेज ‘यारों का यार’ और व्हाट्सएप ग्रुप ओनली स्टेटस बनाया हुआ था। आत्महत्या करने से पहले इस ग्रुप में मंगलवार रात 11 बजे तीन दोस्तों में से दो दोस्तों अशोक व नवीन ने मैसेज लिखा कि ये उनका आखिरी मैसेज है। इसके बाद दो दोस्तों के फोन बंद हो गए, जबकि तीसरे दोस्त मोनू का फोन सुबह तक बजता रहा। रेलवे पुलिस अब इस एंगल से भी मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर तीनों के बीच आखिरी वक्त में क्या बात चल रही थी और घर से निकलने के बाद वो कहां-कहां गए थे।
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फोटोग्राफी का काम छोड़ना चाहता था नवीन
नवीन और उसके दो भाई कंहड़ी गांव में राज फोटो स्टूडियो के नाम से फोटोग्राफी की दुकान चलाते हैं। बारहवीं पास करने के बाद नवीन भी फोटोग्राफी की दुकान पर काम करने लगा था। बताते हैं कि नवीन का फोटोग्राफी के काम में ध्यान कम था। वह किसी दूसरे काम की तलाश में था। नवीन के चचेरे भाई ने उसके लिए हिसार के एक जिम में नौकरी की बात की थी। नवीन को जल्द ही जिम में नौकरी करने के लिए जाना था, लेकिन उससे पहले ही उसने दोस्तों के साथ आत्महत्या कर ली।

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फेसबुक प्रोफाइल भी संदिग्ध
तीनों युवकों की फेसबुक प्रोफाइल इस बात की आशंका व्यक्त कर रही है कि मोनू और नवीन आत्महत्या के बारे में सोचते थे। दरअसल नवीन की फेसबुक प्रोफाइल में ऐसे कार्टून का फोटो लगा हुआ है जिसने अपनी कनपटी पर पिस्तौल तानी हुई है। वहीं मोनू ने बीते दिन ही अपनी फेसबुक कवर फोटो की जगह पर एक शायरी वाली पोस्ट अपडेट की है जिसके बोल भी कहीं ना कहीं संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। एम. नैन नामक आईडी से मोनू ने लिखा कि ‘अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो, दिल से दुआ करो कि तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाए और हमारी जिंदगी भी’। 22 अगस्त की सुबह तीनों के शव मिले और 21 अगस्त की सुबह सवा नौ बजे उसने ऐसी पोस्ट शेयर की थी।

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फेसबुक पोस्ट्स का खुलासा, दोस्ती को लेकर आपस में था गहरा प्यार
मोनू, नवीन और अशोक की आपस में काफी गहरी दोस्ती थी, ये बात उनके सोशल मीडिया अकाऊंट्स पर भी झलकती है। तीनों दोस्तों ने अपनी फेसबुक आईडी पर एक-दूसरे की फोटो तो डाल ही रखी हैं, साथ ही यारी-दोस्ती को दिखाते स्टेटस और पोस्ट्स भी डाल रखी हैं। मसलन एक फोटो डाला हुआ है जिसमें लिखा है कोन्या होणा कामयाब एकला, यारां गेल बर्बाद ए ठीक सैं’। इसी तरह इनकी एक और ग्रुप फोटो है जिसपर लिखा गया है कि ‘रे लाडले बदमाशी का शौक कोन्या, भाइयां खातर जान दे भी सकां तो ले भी स्कां हां’। इन पोस्ट्स को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपसी दोस्ती को तीनों दोस्त बहुत मानते थे। मंगलवार सुबह जिस समय युवकों के शव सबसे पहले देखे गए, उस समय भी तीनों के हाथ एक दूसरे के गले में थे।
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तीन दोस्तों ने दी जान
तीनों युवकों के परिजनों ने पुलिस को बयान दिए हैं। इनमें किसी प्रकार के व्हाट्सएप ग्रुप या फेसबुक की बात नहीं बताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- बलवंत सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी
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