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देश के वीर जवानों के हैरतअंगेज करतब, देखकर हर कोई दंग, तस्वीरें बयां करती शौर्य और पराक्रम

Sat, 14 Dec 2019 01:42 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Military Literature Festival
पद्मभूषण लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह की वीरता की मिसाल यूनिफार्म, पूर्वी थिएटर में दूसरे विश्व युद्ध के लिए कोहिमा का युद्ध की वो अद्भुत 458 फोटोज, ‘कलारी प्याटू’ मार्शल आर्ट, ‘खुकरी’ नाच और पंजाब के मार्शल आर्ट ‘गतके’ की वो झलक। भारतीय सेना की साहस, जुनून और जज्बे की इस झलक संग ‘तीसरे मिलिट्री लिटेचरर फेस्टिवल 2019’ का आगाज हुआ। 
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- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को चंडीगढ़ लेक क्लब सेक्टर-1 में हुआ। जहां मिलिट्री की वीरता की कहानी उनके हथियारों से लेकर उनकी ओर से दी गई कुर्बानी के किस्से से बयां की गई। फेस्टिवल के पहले दिन स्कूली बच्चों में देश की मिलिट्री के साहस और वीरता की कहानी को सुनते हुए उत्साह देखते ही बनता था। सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक चले इस फेस्टिवल में एक और आर्ट एंड फोटोग्राफी एग्जीबिशन से लेकर आर्मी बैंड की धुन से ही सभी के मानों रूंगठे उठे कर दिए।
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मिलिट्री लिटेचर फेस्टिवल - फोटो : अमर उजाला
जब स्टेज पर एक के बाद एक जवानों ने पेश किए मार्शल आर्ट के अद्भुत स्टंट
मिलिट्री लिटेचर फेस्टिवल में भारतीय सेना के जवानों ने अपनी वीरता को कभी मार्शल आर्ट से लेकर गतका से बयां किया। फेस्टिवल के एक कोने में उन्होंने मार्शल आर्ट के अद्भुत स्टंट दिखाए। इसकी शुरूआत कर्नल मुहम्मद रकीब के नेतृत्व में 474 इंजीनियरिंग ब्रिगेड की यूनिट 270 द्वारा करवाए गए। इस मार्शल आर्ट ने दर्शकों की खूब तारीफ बटोरी।

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मिलिट्री लिटेचर फेस्टिवल - फोटो : अमर उजाला
इसके इंचार्ज नायब सूबेदार भुपिंदर सिंह थे। सबसे पहले सिपाही अशोक कुमार के नेतृत्व वाली 5 मद्रास रेजिमेंट के 10 जवानों की टीम द्वारा ‘कलारी प्याटू’ मार्शल आर्ट पेश किया गया। ‘कलारी प्याटू’ वह भारतीय मार्शल आर्ट है जिसकी शुरुआत केरल से हुई है। दूसरी तरफ नायब सूबेदार निमा शेरिंग शेरपा के नेतृत्व में 2/5 गोरखा रेजिमेंट फ्रंट फाइटर 69 इंडियन इनफैंटरी ब्रिगेड की 21 सदस्यीय टीम ने ‘खुकरी’ नाच के साथ समा बांधा। 
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लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह वर्दी और मेडल - फोटो : अमर उजाला
खुकरी नाच मुख्य तौर पर गोरखों की नृत्य कला है। इसके बाद में सूबेदार दलविंदर सिंह और नायक जगजीत सिंह के नेतृत्व अधीन 22 पंजाब की 21 सदस्यीय टीम ने पंजाब के प्रमुख मार्शल आर्ट ‘गतके’ के जौहर दिखाए। अंत में 36 मराठा मीडियम रेजिमेंट की 40 जवानों की टीम ने ‘झंज पाठक’ नृत्य पेश करके महाराष्ट्र की इस नाच कला का प्रदर्शन किया। इस टीम का नेतृत्व सूबेदार हेमंत ए. दिओरे ने किया। इस टीम ने पहली बार चंडीगढ़ में प्रस्तुति दी।
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- फोटो : अमर उजाला
हर बेटे को ऐसा पिता मिले, मैंने उनसे बहुत कुछ है सीखा: कर्नल रणविजय सिंह
फेस्टिवल की मिलिट्री आर्ट एंड फोटोग्राफी एग्जीबिशन में इस बार सभी का आकर्षण का केंद्र लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह (परम विशिष्ट सेवा मेडल) की यूनिफार्म रहीं। उनकी यूनिफार्म के पास उनके बेटे कर्नल रणविजय सिंह ने युवाओं को अपने पिता की वीरता एवं सेना के प्रति प्रेरित किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
खास बातचीत में उन्होंने कहा कि हर बेटे को ऐसा पिता मिले। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की वीरता इतिहास है और वे सब युवाओं को सेना में आने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने पिता की वीरता के किस्से सुनते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता से ही सेना में जाने के लिए प्रेरणा मिली।
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