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देखें- वीरता की हैरतअंगेज तस्वीरें, दांतों तले उंगली दबा लेंगे आप, जब आसमान से कूदे जाबांज

Sun, 15 Dec 2019 02:56 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुबह 11 बजे से जिस पल का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह समय करीब दो घंटे बाद खिलती धूप संग आया। आसमान में सिटी के चहेते मशहूर पैराजंपर ग्रुप कैप्टन कमल सिंह की उड़ान को देखकर उनकी तालियां से मानों सुखना लेक गूंज गई हो। इसका आनंद लेने के लिए सिटी के दर्शकों के साथ पंजाब गवर्नर वीपी सिंह बदनौर और महाराजा जोधपुर गज सिंह भी मौजूद थे। 
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
दोनों का उत्साह देखते ही बनता था। बस की नजर आसमान के उस सितारे पर थीं, जो पांच हजार फीट की पैराजंपिंग के लिए तैयार था। ग्रुप कैप्टन कमल सिंह ने यहां रजिंदरा पार्क से पायलट विजय सेठी द्वारा चलाई गई पैरामोटर के द्वारा उड़ान भर कर करीब दो बजे लेक क्लब में उतरे। यह नजारा देखकर सभी का उत्साह देखते ही बनता था। 
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
साथ ही फूड कोर्ट के नजदीक लगी विंटेज कारों और मोटरसाइकिलों की प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। यह प्रदर्शनी 15 को भी जारी रहेगी। प्रदर्शनी विंटेज और क्लासिक कार क्लब, चंडीगढ़ और हेरिटेज मोटरिंग क्लब ऑफ इंडिया, दिल्ली ने लगाई। इस दौरान विंटेज और क्लासिक कार क्लब द्वारा 20 विंटेज कारें जबकि हेरिटेज मोटरिंग क्लब ऑफ इंडिया द्वारा 18 कारें और सात मोटरसाइकिल डिस्पले की।

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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
इन रॉयल कारों संग युवाओं ने जमकर सेल्फी भी ली। विंटेज और क्लासिक कार क्लब, चंडीगढ़ के सचिव बीएस माणको ने बताया कि इन विंटेज कारों में 80-90 साल पुरानी कारें जैसे कि फोर्ड ए कनवर्टीबल, सनबीम टालबौट, औस्टिन और फोर्ड टूर के अलावा डोज किंगजवे, प्लाईमाउथ बुईक 90 एल, मरसीडीज एसएल280, फोर्ड मसटैंग, फियट 500 टौपोलीनो शामिल थे।
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
फेस्टिवल के दूसरे दिन यहां आए स्कूली बच्चों ने किड एंबेला पर पेंटिंग की गई। जिसमें बच्चों आर्मी के रंगों को पेंट किया तो किसी ने भारतीय झंडे को रंगा। इसके अलावा वीकेंड पर यहां स्कूली बच्चे तो काफी संख्या में पहुंचे ही, कई परिवार भी अपने बच्चों के साथ मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का आनंद लेते नजर आए। फेस्टिवल में भारतीय सेना के जवानों ने मार्शल आर्ट से लेकर अन्य स्टंट दिखाकर दूसरे दिन भी दर्शकों का मनोरंजन किया। 
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
मेजर टौमज वार किताब लिखने वाली लेखिका वी वाकर ने अपनी किताब के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले विश्व युद्ध ने भारतीय और अन्य देशों के फौजियों पर क्या-क्या प्रभाव डाले। लेखिका ने जंग लड़ने वाले फौजियों की तस्वीरों और अन्य सामग्री प्रोजेक्टर से किताब में दर्ज अलग-अलग अध्यायों संबंधी जानकारी दी। उन्होंने अपने दादा की छोटी डायरी और ऐनक भी दिखाई।
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
जंग से संबंधित विभिन्न पीढ़ियों की अलग-अलग कहानियां बताईं। साथ ही उस समय पर फौजियों द्वारा गाए गए गीत गाकर मैदान-ए-जंग के असली हालातों को दृश्यमान किया। बर्तानिया की रहने वाली वी वाकर ने अपने दादा की फोटो और डायरी नोट्स से जानकारी मिलने के उपरांत किताब लिखी और भारत आईं। उन्होंने कहा कि वह इतिहासकार न होकर एक कहानीकार हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के जरिए भारतीय सिख फौजियों और अपने दादा जी की तस्वीरें दिखाई जिन की कहानियाँ उन्होंने किताब में शामिल की हैं।
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने मंच पर अलग-अलग कला के नमूनों द्वारा किताब संबंधी दृश्यों को भी दिखाया। किताब के मुख्य किरदार जो कि लेखिका के दादा हैं, बंगाल में जन्मे थे। किओं ईव विनंगटन इनगराम उनके साथ विवाह के लिए राजी हो गई थी, जबकि उसके पास उनको न करने के बहुत से कारण मौजूद थे। इस मौके पर लेखिका ने अपने भारत के तजुर्बे भी साझा किए। 
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