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500 और 1000 के नोट बंद होने पर भिड़े छात्र तो कुछ ऐसे बदला माहौल

Mon, 14 Nov 2016 08:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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नोटबंदी का असर
500 और 1000 रुपये के नोटों पर पाबंदी की गूंज एमडीयू मे चल रहे यूथ फेस्टिवल में भी सुनाई दी। एमडीयू के 36वें इंटर जोनल फेस्टिवल के दूसरे दिन नोटों पर पाबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक पर वाद विवाद देखने को मिला। एक तरफ प्रतिभागी इसे सही मानते हुए भ्रष्टाचार पर मार का संदेश दिया तो वहीं दूसरी ओर से इसे जल्दबाजी का फैसला बताया। एमडीयू के 36वें  इंटर जोनल फेस्टिवल के दूसरे दिन गीत, गजल, भजन, संगीत, नाटक, वाद-विवाद, जनरल ग्रुप डांस और ललित कला प्रतियोगिता हुई। 
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नोटबंदी का असर - फोटो : अमर उजाला
रविवार को टैगोर सभागार में पारंपरिक हरियाणवी संगीत वाद्य यंत्रों के सुरों की शानदार प्रस्तुति दी गई। कव्वाली इवेंट में प्रतिभागी टीमों ने पारंपरिक एवं सूफियाना कलाम गाकर कव्वाली को जीवंत कर दिया। समूह नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। वहीं डीडीई कांफ्रेंस हॉल में हिंदी वाद-विवाद और बॉटनी विभाग के लेक्चर थियेटर में अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। प्रतिभागियों ने 500 तथा 1000 रुपये के नोटों पर सरकारी प्रतिबंध (विमुद्रिकरण) विषय पर तर्कों के बाण चलाए। 
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नोटबंदी का असर
हालांकि नोटबंदी की बहस का असर पूरे फेस्टीवल पर देखने को मिला। संगीत विभाग में  संगीत विभाग में गीत, गजल, भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अंबेडकर हॉल में भारतीय समूह गीत प्रतियोगिता हुई। राधाकृष्णन सभागार में मिमिक्री इवेंट में प्रतिभागियों ने पशु, पक्षी, विभिन्न यंत्रों, बॉलीवुड के नामी कलाकारों और भारतीय राजनीतिज्ञों की नकल उतारी। मिमिक्री इवेंट में पड़ोसी मुल्क पर भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की थीम छाई रही। टैगोर सभागार के ऊपरी तल कला गगन में प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, कोलाज मेकिंग और पोस्टर मेकिंग इवेंट्स में अपनी सृजनात्मकता दिखाई। 

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नाटक में आजाद हिंदुस्तान की तस्वीर का मंचन- राधाकृष्ण सभागार में भारत की आजादी के समय हुए आंदोलनों को नाटक के रूप में प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से जहां एक तरफ आजादी के लिए लड़ने वाले परवानों के जज्बे को प्रस्तुत किया तो दूसरी तरफ अंग्रेजी हुकूमत के सामने घुटने टेकने वाले लोगों पर कटाक्ष हुआ। 
 
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आज होगा समापन 
निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने बताया कि फेस्टिवल का समापन सोमवार को होगा। टैगोर सभागार में सुबह 10 बजे समूह लोक नृत्य,  टैगोर सभागार टैरेस पर फोटोग्राफी एवं रंगोली इवेंट , राधाकृष्ण सभागार में शास्त्रीय नृत्य और नैरेट ए स्टोरी इवेंट, डीडीई कांफ्रेंस हॉल में एलोक्यूशन, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। समापन सत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह टैगोर सभागार में 3 बजे होगा।
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