श्री माता वैष्णो देवी भवन के गेट नंबर-3 पर हुए हादसे में शहीद जवान का आज होशियारपुर में अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी।
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Harvinder singh funeral
- फोटो : Amar Ujala
हादसा, बीते दिन श्री माता वैष्णो देवी भवन के गेट नंबर-3 पर हुआ, जहां बुधवार दोपहर भारी चट्टान आ गिरी, जिसकी चपेट में वहां ड्यूटी दे रहा सीआरपीएफ जवान हरविंदर सिंह आ गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चट्टान को तोड़ कर हटाया गया। तब तक हरविंदर की मौत हो चुकी थी।
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हरविंदर होशियारपुर जिले के दसूहा इलाके में गलिया गांव के रहने वाले थे। सीआरपीएफ जवान हरविंदर सिंह का शव गुरुवार को होशियारपुर जिले में स्थित उनके पैतृक गांव घालिया में लाया गया, जहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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शहीद पिता को बेटी ने दी मुखाग्नि: शहीद हरविंदर सिंह को मुखाग्नि उनकी बेटी रवनीत कौर ने दी। इस दौरान बेटी ने जब अपने पिता को अंतिम विदाई दी तो हर किसी की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बेटी चिता को अग्नि देते समय चीख-चीख कर पापा-पापा पुकार रही थी।
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6वीं बटालियन-सी कम्पनी में तैनात हैड कांस्टेबल हरविंद्र सिंह को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हरविंदर की पत्नी का नाम हरजीत कौर है और उनकी दो बेटियां है। बताया जा रहा है कि हरविंदर अपनी बहनों का इकलौता भाई था।
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गौरतलब है कि धर्मनगरी में माता वैष्णो देवी के भवन द्वार पर बुधवार की दोपहर को गेट नंबर तीन के पास एक बड़ी चट्टान गिरी जिसके नीचे दबकर सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। हादसे के तत्काल बाद मार्ग पर दोनों ओर से यात्रा को रोक दिया गया। मूसलाधार बारिश के बाद दोपहर करीब एक बजे गेट के मुख्य द्वार के पास एक बड़ी चट्टान अचानक गिर गई।
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मौके पर सुरक्षा जांचने के लिए तैनात सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल हरवींद्र सिंह पुत्र सर्वन सिंह निवासी गालिया होशियारपुर पंजाब इसमें दब गए। इससे उसकी मौत हो गई। वे सीआरपीएफ की 6 बटालियन में तैनात थे। इस गेट पर अकसर यात्रियों की लंबी कतार रहती है।
घटना के तत्काल बाद श्राइन बोर्ड राहत दल, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान बचाव कार्य में जुट गए। दोनों ओर से यात्रा को रोक दिया गया। बचाव कार्य शुरू होने से पहले कई अन्य लोगों के दबने की भी आशंका जताई जा रही थी, लेकिन डेढ़ घंटे चले बचाव कार्य के बाद एक की मौत होने की पुष्टि कर दी गई।