एक शख्स ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसके बारे में सोचता तो हर भारतीय है, लेकिन मंजिल तक पहुंच नहीं पाता। लेकिन इन्होंने अपनी मंजिल पाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
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भारत दर्शन पर निकला रमन
- फोटो : अमर उजाला
बात हो रही है मोहाली निवासी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रमन कुमार खदरिया ने भारत के सभी 29 राज्यों की 15, 628.35 किलोमीटर की यात्रा 64 दिन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए तय की है। इतनी यात्रा आज तक किसी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं की है। यही वजह है कि उनका नाम अब गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज हो गया है। मौजूदा वक्त में केरल के वरकला में हॉस्टल मैनेजर के प्रोफेशन से जुड़े ने पूरे भारत की यात्रा के बाद दुनिया के 20 अन्य देशों में भी घूम चुके हैं। रमन ने अपनी यात्रा की शुरुआत 31 जुलाई 2017 से 2 अक्तूबर 2017 में की, लेकिन गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स के तय पैमानों के अनुसार इसका सर्टिफिकेट पाने में सवा दो साल लग गए। उन्हें कुछ दिन पहले ही गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स की तरफ से यह सर्टिफिकेट भेजा गया है।
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यात्रा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल
मोहाली के फेज 3बी2 के रमन कुमार खदरिया पहले ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने किसी एक देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहले से ही प्लान की गई यात्रा के दौरान 15,628.35 किलोमीटर की दूरी तय की है। भारत भ्रमण की इस यात्रा में रमन का ज्यादा पैसा भी खर्च नहीं हुआ। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ ही देश के 29 राज्यों में रुकने के लिए रमन ने मात्र 64 हजार रुपये ही खर्च किए हैं। इस राशि में उनके द्वारा की गई खरीदारी भी शामिल हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
एक सवाल से शुरू की थी यात्रा
जनवरी 2017 में रमन बाइक से बैग पैकिंग यात्रा कर रहे थे। इस दौरान यह कई राज्यों में गए। उसी दौरान जयपुर में एक शख्स से उनकी मुलाकात हुई। बातों ही बातों में उस शख्स ने इनसे पूछा कि आप क्या कर रहे हैं, तो इन्होंने जवाब दिया कि वह बैग पैकर्स हैं। तब उसने इनसे सवाल किया कि यह बैग पैकर्स क्या होते हैं, क्या इसका भी कोई सर्टिफिकेट होता है। इस सवाल ने रमन का दिमाग हिला दिया और बना दिया विश्व रिकॉर्ड।
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गिनीज बुक ने रखीं थी ये शर्तें
रिकार्ड बनाने के लिए गिनीज बुक ने रमन के सामने कुछ शर्तें रखीं थीं। इनमें रिकार्ड बनाने के लिए एक जीपीएस डिवाइस खरीदना था। इसके साथ ही जहां भी जाते वहां से दो लोगों के सिग्नेचर और वहां के फोटो और वीडियो रिकार्ड भी लेते थे। किसी भी एक स्थान पर 7 दिन से ज्यादा नहीं रुकते थे। इस सबसे अहम शर्त यह थी कि एक बार जिस रास्ते से गुजर गए वहां दोबारा नहीं जा सकते थे।
रमन का ये था रूट प्लान
रमन ने चंडीगढ़ से यात्रा शुरू कर हिमाचल प्रदेश के स्पीति वैली, लेह लद्दाख, श्रीनगर, ऋषिकेश, लखनऊ, वाराणसी, पटना, सिलीगुड़ी, सिक्किम, गोवाहाटी, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कोलकाता, भुवनेश्वर, रांची, रायपुर, हैदराबाद, विशाखापट्टनम, चेन्नई, रामेश्वरम होते हुए भारत के दक्षिणी कन्या कुमारी, फिर वहां से तिरुवनंतपुरम, बंगलूरू, गोवा, मुंबई, अहमदाबाद, उज्जैन, जयपुर, दिल्ली होते हुए चंडीगढ़ में अपनी यात्रा समाप्त की।