आप ने टॉपर बच्चों और उनके परिवार के सपनों के बारे में सुना होगा। लेकिन ऐसे बच्चे के बारे में जान लें जिसने सब बच्चों को चित कर दिया है।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का 10वीं का परीक्षा परिणाम कई घरों के लिए खुशियां लेकर आया। इनमें एक ऐसा परिवार भी है, जिसके पांच बच्चे झोंपड़ी में लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते हैं। हालांकि परिवार के आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के चलते एक बेटी को पढ़ाई छोड़नी पड़ गई, लेकिन अब सबसे छोटे बेटे ने ऐसा कुछ कर दिया, जिस पर न सिर्फ यह परिवार नाज है। ब्लकि आप भी जानकर तारीफ करेंगे।
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राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पड़ने वाले गांव घड़साना (पुरानी मंडी) निवासी वीर सिंह करीब 17 साल पहले अपने परिवार के साथ हरियाणा के सिरसा में पड़ने वाले गांव शक्करमंदोरी में आए थे। पेशे से मजदूर वीर सिंह के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। बावजूद इसके पांच बच्चों में से बड़ा बेटा संजू को इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुका है।
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तीन लड़कियों में सबसे बड़ी मेनका ने चौथी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी, पुष्पा ने हाल ही में घोषित रिजल्ट में 78 पर्सेंट से 12वीं पास की है तो बहनों में सबसे छोटी और राजकुमार से बड़ी लड़की बाधो 12वीं में है।
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राजकुमार ने भी 10वीं कक्षा 95 पर्सेंट नंबरों से पास की है। इस परिवार के पास बिजली की कोई सुविधा नहीं है। गांव के बाहर विराने में बनी झोंपड़ी में बच्चों को लालटेन की रोशनी में पढ़ना पड़ता है। वीर सिंह के मुताबिक थोड़ा-बहुत सभी बच्चों को पढ़ाने के बाद वह सबसे छोटे बेटे को भी पढ़ा-लिखाकर अच्छा इंसान बनाना चाहते हैं, मगर वही आर्थिक मजबूरी फिर से आड़े आ गई। इसके बाद गांव वालों के कहने पर पास के गांव कागदाना के श्रीबालाजी सीनियर सेकंडरी स्कूल ने इस परिवार की मदद की।
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पहले स्कूल आधी फीस ले रहा था, बाद में गांव वालों के कहने पर स्कूल की प्रबंधक कमेटी ने स्कूल ने पूरी फीस माफ कर दी। अब राजकुमार चौथी क्लास में इस स्कूल में पढ़कर अपने मां-बाप का नाम रोशन कर रहा है। इस बारे में श्रीबालाजी सीनियर सेकंडरी स्कूल के चेयरमैन संदीप बैनीवाल का कहना है, 'हमें खुशी है कि हमारे स्कूल में पढ़कर राजकुमार ने स्कूल व अपने परिवार का नाम रोशन किया है। स्कूल की तरफ से राजकुमार को नि:शुल्क पढ़ाई करवाई गई।'
यह बात भी उल्लेखनीय है कि बोर्ड की तरफ से जारी रिजल्ट में राजकुमार को 93 पर्सेंट नंबर दिखाए गए थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद जब बोर्ड की दूसरी लिस्ट जारी हुई तो उसमें इस बच्चे के नंबर 95 पर्सेंट हो गए। 500 में से 474 अंक हासिल करने वाले राजकुमार ने भास्कर डॉट कॉम को बताया कि वह पढ़-लिखकर इंजीनियर बनना चाहता है। वहीं होनहार बेटे के सपनों को रोशनी देने के लिए गांव के सरपंच सुरेंद्र सहारण ने सौरऊर्जा की होमलाइट देने की घोषणा की है। साथ ही दूसरी मूलभूत सुविधा भी परिवार को मुहैया करवाई जाएंगी।