पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल फंड में हेराफेरी के मामले में छात्र नेताओं और पीयू प्रशासन के बीच अरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। दोनों पक्ष सरेआम एक-दूसरे पर घोटाले के आरोप लगा रहे हैं। हॉस्टल फंड में लाखों के गोलमाल का मामला पेचीदा हो गया है। पीयू छात्र काउंसिल प्रधान दिवांशु तीन दिन से सभी हॉस्टलों के फंड की जानकारी देने और डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल को हटाने की मांग पर अड़े हैं।
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देखिए, परीक्षाओं से पहले पीयू में कैसे पनपा तनाव?
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पीयू के वीसी दफ्तर के सामने एनएसयूआई के नेताओं और समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। वीसी दफ्तर के सामने पीयू सिक्योरटी और काउंसिल प्रधान समर्थकों के बीच झड़प भी हुई। मामले को बिगड़ता देख काफी संख्या में पुलिस कर्मचारियों को तैनात करना पड़ा।
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पीयू काउंसिल प्रधान दिवांशु को पद से हटाने और काउंसिल खत्म करने के लिए छात्र संगठन सोई और पुसू कई दिनों से जोर लगा रहे हैं। दोनों संगठनों ने अपने-अपने 50 से अधिक डीआर के समर्थन का ज्ञापन देकर काउंसिल प्रधान दिवांशु के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग रखी थी।
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सोई नेता विक्रमजीत ने प्रेसवार्ता में काउंसिल प्रधान पर वैष्णो देवी टूर और गोवा ट्रिप आयोजन में काउंसिल फंड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। बिक्रमजीत ने इस संबंध में कुछ डॉक्यूमेंट भी पेश किए। उन्होंने कहा कि ट्रिप के बिल झूठे हैं। पुसू नेता नवल ने भी जांच की मांग की है।
पूरे मामले में सीनेट का एक गुट एनएसयूआई और पीयू छात्र काउंसिल प्रधान तो दूसरा गुट अन्य छात्र संगठनों को भड़का रहा है। उधर, मामले को शांत करने में पीयू प्रशासन का कोई भी आला अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। पूरे मामले में आला अधिकारी आंखें बंद कर बैठे हैं।