अब स्कूल-कॉलेज में पासपोर्ट बनवाने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। विद्यार्थियों के लिए एक खास योजना शुरू की जा रही है, ज्यादा जानकारी के लिए खबर पढ़ें।
विज्ञापन
2 of 6
फाइल फोटो
चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय पासपोर्ट बनवाने के लिए स्कूल और कॉलेजों में शिविर लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी पूरी हो गई है। यह बात क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) आईपीएस शिवास कविराज ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पासपोर्ट के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें इस क्षेत्र की अन्य जानकारियां भी दी जाएंगी। उनके पासपोर्ट पढ़ाई के दौरान ही बन जाएंगे।
विज्ञापन
3 of 6
फाइल फोटो
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शिवास कविराज ने बताया कि दूसरे देशों में तीन से चार माह पहले पासपोर्ट धारकों को पासपोर्ट की मियाद पूरी होने पर संदेश दिया जाता है, लेकिन चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय छह माह पहले ही संबंधित लोगों को मेल या मैसेज के जरिये सूचना दे देगा। इससे पासपोर्ट धारक समय रहते अपने पासपोर्ट का रिनुअल करा सकेंगे। यह कार्यालय की नई पहल होगी।
4 of 6
फाइल फोटो
कविराज ने बताया कि तीन दिन में तत्काल व सात दिन में नॉर्मल पासपोर्ट जारी हो जाता है। साथ ही यह खबर पर पहुंचा जा रहा है। पहले कार्यालय में भीड़ होती थी, लेकिन आज हर कार्य ऑनलाइन है और पूरी तरह पारदर्शी भी। पासपोर्ट बनवाने के लिए अप्लाई करने से पहले वेबसाइट का सही चयन करें। पासपोर्ट इंडिया डॉट जीओवी डॉट इन जिसमें लिखा हो उसी वेबसाइट पर आवेदन करें। दूसरी वेबसाइट के चक्कर में न आएं।
विज्ञापन
5 of 6
फाइल फोटो
कविराज ने विभाग की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि पहले पासपोर्ट सेवा केंद्र दो थे, आज संख्या बढ़कर 12 पहुंच गई है। कार्यालय में कोई व्यक्ति आता है तो उसे फोटोकॉपी की भी मुफ्त सुविधा दी जा रही है। अलग से उनके लिए काउंटर बनाए गए हैं। कार्यालय का अधिकांश कार्य हिन्दी में होता है। राजभाषा का प्रयोग अधिक से अधिक हो रहा है। हिन्दी में काम करने पर दो बाद विदेश मंत्रालय ने सम्मान भी दिया है।
कविराज ने बताया कि पासपोर्ट की सुविधा मुहैया कराने के अलावा विभाग कुछ अलग कार्य भी कर रहा है। एनआरआई दूल्हों के पासपोर्ट उनकी पत्नियों की शिकायत पर रद्द किए जा रहे हैं। अब तक 70 पासपोर्ट रद्द किए गए और 300 से अधिक इम्पाउंड हुए। कई एनआरआई दूल्हे इस कार्रवाई के बाद देश में आए। कुछ ने अपनी पत्नियों के साथ दोबारा घर बसाए हैं तो कुछ महिलाओं को उनके आने के बाद तलाक मिल गया है।