हरियाणा में दूसरे दिन भी 3700 बसों के पहये थमे रहे। रोडवेज की इस बड़ी हड़ताल की वजह से यात्री सड़कों पर यहां- वहां भागते दिखे।
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रोडवेज़ कर्मचारियों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
रोडवेज की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। रोडवेज बसों की हड़ताल समर्थन में अब निजी बस संचालकों ने भी बसों को खड़ा कर दिया है। इससे यात्रियों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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रोडवेज़ कर्मचारियों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
रोडवेज अधिकारियों और सरकार की ओर से कोई कदम न उठाए जाने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। यात्रियों को मजबूरन निजी वाहनों के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार मांग नहीं मानेगी तो हड़ताल भी खत्म नहीं होगी। सूत्रों की मानें तो हड़ताल कर्मियों को सरकार सस्पेंड करने की तैयारी में है। इसके लिए अधिकारी सूची बनाने में जुटे रहे।
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रोडवेज़ कर्मचारियों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
रोडवेज बसों की हड़ताल की चलते बस स्टैंड परिसर में सन्नाटा रहा, वहीं स्टैंड के बाहर यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई दी। भीड़ की वजह से निजी वाहनों में यात्रा करने के लिए यात्री मशक्कत करते नजर आए।
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रोडवेज़ कर्मचारियों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
बसों की हड़ताल की वजह से दूसरे जिलों और आसपास के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम रही। सरकारी बसें जहां हड़ताल की वजह से खड़ी रहीं वहीं निजी बसें भी नहीं गईं। हालांकि बाद में कुछ निजी बस संचालकों ने यात्रियों की सुविधा के लिए बसों को निकाला।
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रोडवेज की हड़ताल से यात्री पस्त
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब और राजस्थान रोडवेज की बसें आने की वजह से दिल्ली की ओर से जाने वाले यात्रियों को कुछ राहत रही। बस स्टैंड के बाहर से बसों में चढ़ने के लिए यात्री की भीड़ रही। वहीं पानीपत, सोनीपत, भिवानी और हिसार आदि जगहों की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खट्टर सरकार और रोडवेज यूनियनों के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई। बातचीत विफल रहने पर यूनियनों ने चक्का जाम जारी रखने का एलान किया है। रोडवेज कर्मचारी यूनियन जहां निजी बसों को परमिट नहीं देने पर अड़ी हैं, वहीं प्रदेश सरकार इसे नीति बताकर रद्द नहीं करने पर अड़ी है। हड़ताल की वजह से 4060 रोडवेज बसों के बेड़े में से 3700 बसें डिपो में खड़ी हैं। इससे सरकार को एक दिन में चार करोड़ रुपये की वित्तीय चपत लगी है।