लड़के ही नहीं, लड़कियां भी स्ट्रेस में रहती हैं और इसकी कई वजह सामने आई हैं। देखिए कहीं आप भी इसकी शिकार तो नहीं, सावधानी में ही बचाव है।
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तनावग्रस्त लड़की
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हर साल करीब 150 स्टूडेंट्स तनाव में आ रहे हैं। तनाव के कारण अकेलापन, रूम मेट से तालमेल न बैठना, पढ़ाई और प्रेम संबंधों में ब्रेकअप बन रहे हैं। पीयू के मनोवैज्ञानिक सेल की ओर से हुई काउंसलिंग में यह बात सामने आई है। तीन साल पहले यह सेल पीयू की आरे से बनाया गया था।
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ये चीजें ठीक करेंगे बिगड़ा मूड
सेल की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन साल में 433 स्टूडेंट्स के तनाव के मामले सामने आए हैं। पीयू मनोविज्ञान सेल के डॉक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में तनाव में 147, 2016 में 179 और वर्ष 2017 में अब तक 115 मामले सामने आए हैं। इसमें अधिक तनाव के कारण पांच पेशेंट्स को पीजीआई में इलाज की सलाह दी जाती है।
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मेडिटेशन
सेल में काउंसलिंग करने वाले डाक्टर कुलदीप सिंह बताते हैं कि कंसलटेशन के लिए आने वाले कुल स्टूडेंट्स में 70 फीसदी लड़कियां हैं। लड़कियां तनाव में रहने या दिमागी रूप से बीमारी होने पर डाक्टर से बात करने से हिचकती हैं। वे खुद को स्वस्थ रखने के लिए सभी बातें बता देती हैं। काउंसलिंग में 40 फीसदी लड़कियां ऐसी होती हैं, जो प्रेम संबंधों के कारण तनाव में आ जाती हैं।
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रहिए कूल
वहीं 35 फीसदी को नए माहौल में तालमेल बैठाने, पढ़ाई में दिक्कत या सामाजिक मोर्चे पर जूझना पड़ता है। 20 से 25 फीसदी स्टूडेंट्स में आत्मविश्वास की कमी और असुरक्षा की भावना के कारण तनाव पैदा हो जाता है। तनाव बढ़ने के दूसरे कारणों में आत्मविश्वास की कमी, सामाजिक असुरक्षा की भावना और एग्जाम की तैयारी है।
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रहिए कूल
डाक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि काउंसलिंग कराने के लिए आने वाली ज्यादातर लड़कियों का लाइफ स्टाइल ठीक नहीं है। कई की दिनचर्या सही नहीं हो है। कई पौषक तत्व आयरन, मैग्नीशियम सहित कई खाद्य पदार्थों का सेवन ठीक तरीके से नहीं करती हैं। खाना खाने का समय सही न होने, कम नींद लेने, बर्गर-पिज्जा, अधिक कोल्डड्रिंक के सेवन की वजह से तनाव आ रहा है।
डाक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि काउंसिलिंग के लिए आई लड़कियों ने बताया कि तनाव को दूर करने के लिए वे स्मोकिंग का सहारा लेती हैं, जबकि ये गलत है। अगर तनाव दूर करना हो तो इसका कारण बनने वाली बातों से बचाव ही उपाय है, नहीं तो जानलेवा हो सकता है स्ट्रेस।