घर में घुसे बदमाश से मां व भाई की जान बचाने व उसे पकड़वाने वाले 13 साल के बहादुर बच्चे दिशांत को प्रधानमंत्री मोदी 26 जनवरी को वीरता पदक देंगे। दिशांत ने सुनाई बहादुरी की गाथा।
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बहादुर बच्चे से सुनिए, बदमाश से कैसे बचाई मां-भाई की जान?
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हरियाणा के पंचकूला में सेक्टर-20 में रहने वाले दिशांत मेहंदीरत्ता ने बताया कि यह घटना 4 अप्रैल 2015 की है जब उनके पिता आरके मेहंदीरत्ता दोपहर का भोजन करके अपने ऑफिस केलिए निकले थे। उनकी मां अर्चना एवं दो भाई घर पर थे। उसी समय एक अजनबी पिता से मिलने के बहाने उनके घर आया। उसने घुसते ही उनकी मां की गर्दन पर चाकू रख दिया और सभी कीमती सामान देने को कहा।
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दिशांत के मुताबिक वह दूसरे कमरे में टीवी देख रहे थे और मां की चीखें सुनकर बाहर भागे। बदमाश के चंगुल में अपनी मां को फंसे देखकर उन्होंने सूझबूझ दिखाई। वह बदमाश के पैरों में गिर गया और उसकी टांग खींच ली। इससे बदमाश हड़बड़ा गया, दिशांत ने फुर्ती दिखाते हुए उससे चाकू छीन लिया। इसके बाद उनकी मां व उन्होंने बदमाश पर काबू पा लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया।
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शोर सुनकर पड़ोसी आ गए और पुलिस को सूचित किया गया। कुछ देर में मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। दिशांत को पढ़ना व टीवी देखना पसंद है। वे अपने पिता की तरह सीए नहीं बल्कि नेवी ऑफिसर बनना चाहते हैं। उनकी मां अर्चना एलआईसी में कार्यरत है। माता-पिता को अपने बेटे की इस उपलब्धि पर बहुत ही गर्व है। दिशांत कहते हैं कि अभी उन्होंने नहीं सोचा कि उन्हें प्रधानमंत्री से क्या बात करनी है।
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दिशांत की मां अर्चा कहती हैं कि मैं बहुत खुश हूं और सभी को शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने मेरे बेटे को पहले भी दो बार सम्मानित किया है। गौर हो कि बाल दिवस पर आयोजित समारोह में भी दिशांत मेहंदीरत्ता को सम्मानित किया गया था। राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2015 के लिए अब उनका चयन किया गया है। दिशांत को 26 जनवरी को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेडल, सर्टिफिकेट और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।