छह लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचे, पेट की जानलेवा बीमारी हो सकती है। ध्यान रहे, बचाव ही उपाय है वरना नुकसान ही नुकसान होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पीजीआई चंडीगढ़ के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी डिपार्टमेंट के दो दिवसीय गैस्ट्रोइन्टेस्टनल इमरजेंसी अपडेट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों पर लेटेस्ट इलाज, शोध और जांच पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में पूरे देश से 250 से ज्यादा विशेषज्ञ आए। इसमें मुख्य रूप से एम्स दिल्ली, लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई लखनऊ, जीबी पंत दिल्ली व हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट आफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी हैदराबाद के विशेषज्ञ शामिल रहे।
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प्रो. उषा दत्ता व असिस्टेंट प्रो. विशाल शर्मा ने बताया कि पेट की कुछ गंभीर बीमारियां होती हैं, जिसकी लोग अनदेखी करते हैं। घर पर ही अजवाइन खाकर ठीक होने का इंतजार करते हैं। जब देर हो जाती है तो वे पीजीआई या दूसरे अस्पताल जाते हैं, जबकि यह गंभीर बीमारियां होती हैं। यह ऐसी बीमारियां हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। मरीजों को कुछ लक्षणों को ध्यान रखना होगा। इनमें से कोई लक्षण दिखता है तो तुरंत गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए।
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खून की उल्टी व काला स्टूल: खून की उल्टी आए या काली दस्त हो, तो इसका मतलब है कि पेट में अल्सर है या लिवर की बीमारी से खाने की नली में सूजना है या वो फट गई है। स्टूल में खून आना: इसका मतलब है कि मरीज को टीबी है या टाइफाइड। कई बार आईबीडी (इंफ्लामेंटरी बाउल डिजीज) या बड़ी आंत के कैंसर में भी खून आता है। दस्त में खूब पानी निकलना: दस्त लग जाए और दस्त के साथ खूब पानी आए तो इसका मतलब है कि उसके आंत में इंफेक्शन हो गया है। कालरा के केस में भी ऐसा होता है।
बुखार के साथ तेजी से पेट दर्द: पेंक्रियाटाइटिस में बहुत तेजी से दर्द होता है। इसमें किडनी भी फेल होती है और फेफड़े पर भी दिक्कत आती है। पेट दर्द के साथ बुखार व पीलिया: पित्त की नली का ब्लॉक होना। यह कैंसर या पथरी के कारण होता है। जब इसमें इंफेक्शन होता है तो उस स्थिति को कोलेनजाइटिस कहते हैं। पेट में दर्द के साथ स्टूल व गैस पास होना: यह स्थिति तब आती है, जब आंत में रुकावट आती है या फिर आंत की सिकुड़न से। यह टीबी व कैंसर की वजह से होता है।