फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

500-1000 के नोटों के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया सच, सस्ते बिके

Fri, 11 Nov 2016 06:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 8
500-1000 के नोटों पर बैन
बाजार से 500 और 1000 के नोट बंद होते ही हम निकले बाजारों में दुकानदारों का स्टिंग ऑपरेशन करने तो देखिए क्या सामने आया सच?
विज्ञापन

2 of 8
500-1000 के नोटों पर बैन
सरकार के फैसले से परेशान निम्न वर्ग से संबंधित लोग दुकानों पर अपनी जेब में पड़े चंद हजार व पांच सौ रुपये के नोटों को छुट्टे कराते दिखाई दिए। मगर उन्हें अपने नोट छुट्टे करवाने के बदले कुछ कीमत चुकानी पड़ी। मौके का फायदा उठा कुछ दुकानदार ऐसे लोगों से बड़े नोटों के छुट्टे करने के एवज में सौ रुपये काटते नजर आए।
विज्ञापन

3 of 8
डेमो
एक मोबाइल विक्रेता को जब 500 रुपये थमाकर 200 रुपये का रिचार्ज करने को बोला गया तो उसने बताया कि रिचार्ज के 100 रुपये अतिरिक्त लेगा। अन्यथा खुले पैसे दें। 

4 of 8
रुपए
वहीं, काफी जगह पर 500 के 300 या 400 रुपये में बिकने की कई शिकायतें सुनने को मिलीं। बस कंडक्टर तो ये पूछकर ही बस में बैठा रहे थे कि नोट 500 को तो नहीं।
विज्ञापन

5 of 8
note
रातो-रात लिए गए एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने के फैसले को लोग प्रधानमंत्री का मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। दिन भर शहर के हर गली-मोहल्ले व दुकानों पर मोदी के इस फैसले की ही चर्चाएं होती रहीं, वहीं सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री मोदी ही छाए रहे। ज्यादातर लोग अचानक उठाए इस कदम से हैरत में भी हैं। 
विज्ञापन

6 of 8
फेसबुक पर दिन भर पीएम मोदी के इस फैसले पर तरह-तरह के अपडेट्स आते रहे। ज्यादातर चटपटी, व्यंगात्मक और कॉमेडी भरपूर पोस्ट व स्टेट्स अपडेट होते रहे। कई यूजर्स ने फेसबुक पर पांच सौ व हजार रुपये के नोटों पर बिस्कुट, कुरकुरे, भुजिया आदि रख इन्हें रद्दी कागज समान दिखाने की कोशिश की। 
विज्ञापन

7 of 8
note
कई यूजर्स ने तो पांच सौ व हजार के नोटों पर हार चढ़ा श्रद्धांजलि भेंट कर दी। यही नहीं वाट्सएप पर भी दिन भर ऐसी अपडेट्स आती रही। वाट्सएप पर तो तरह-तरह के वॉयस मैसेज भी आ रहे थे। जिनमें से एक मैसेज में एक कबाड़ी ‘पांच सौ व हजार के नोटों की रद्दी बेच लो...’ आवाज लगाते हुए सुनाई दे रहा है। 
विज्ञापन

8 of 8
note - फोटो : अमर उजाला
वहीं पेट्रोल पंपों पर भी पांच सौ रुपये से कम का पैट्रोल नहीं डाला जा रहा था। मार्केट में खरीदारी को जाने वाले उन लोगों को भी दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें