क्रिसमिस और न्यू इयर को लेकर बढ़ते पर्यटकों को देखते हुए रेलवे ने हिमाचल की दिलकश वादियों की सैर के लिए कार सेवा शुरू की है। देखिए, क्या खास?
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देखिए, रेल की पटरी पर दौड़ने लगी कार, पहाड़ों की सैर कराएगी
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खास बात ये है कि ये कार, सड़क पर नहीं रेल की पटरी पर दौड़ेगी। नाम है रेलकार। इसमें 14 सीटें हैं। बीते दिन से कालका-शिमला के बीच शुरू हुई रेलकार सेवा को भी सैलानियों का अच्छा रिस्पांस मिला।
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कालका से शिमला के बीच रेलकार का किराया 330 रुपये है और यह कालका से शिमला पहुंचने में करीब साढ़े चार घंटों का समय लेती है, जबकि टॉय ट्रेन करीब सवा पांच घंटों में शिमला पहुंचती हैं।
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जानकार बताते हैं कि अंग्रेजों ने वर्ष 1927 में कालका-शिमला रेल सेक्शन पर रेलकार की सुविधा शुरू की थी। इस रेलकार के सफर के विदेशी सैलानी भी दिवाने हैं। करीब 14 सीटों वाली इस रेलकार में चालक भी अन्दर ही बैठता है।
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रेलवे ने दो महीने पहले ही कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली रेलकार सेवा को बंद कर दिया था। रेलकार ज्यादा पुरानी होने के कारण इसकी सिरे से रिपेयर करवाने के बाद रेलवे ने आज से रेलकार सेवा को दोबारा बहाल कर दिया है।