फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

60 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ा, 10 घंटे तक दांव पर रही जिंदगी

Wed, 03 Jun 2015 07:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
विज्ञापन
1 of 6
40 वर्षीय सिख युवक रिहा करो, रिहा करो कहते-कहते 60 फुट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया और कूदने लगा। पिता ने कसम देकर रोका तो वहीं बैठ गया, 10 घंटे बाद नीचे उतरा। तस्वीरों में पूरा मामला। रिपोर्टः विकास मल्होत्रा, लुधियाना
Trending Videos
विज्ञापन

60 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ा, 10 घंटे तक दांव पर रही जिंदगी

2 of 6
मामला दरअसल, सिख बंदियों की रिहाई का है। सोमवार सुबह एक निहंग सिख परविंदर सिंह फिरोजपुर रोड बद्दोवार समीप स्थित गांव पमाल में मोबाइल टावर पर चढ़ गया। निहंग मोगा के जीतवाल स्थित गांव कोकरी फुला सिंह का रहने वाला है। जैसे ही गांव वालों को उसकी यह हरकत पता चली, सभी टॉवर के पास जमा हो गए।
विज्ञापन

60 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ा, 10 घंटे तक दांव पर रही जिंदगी

3 of 6
मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम कुलजीत पाल सिंह माही, जगरांव के एसपी बहादुर सिंह की अगुवाई में थाना दाखा की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। उसके बाद सिख जत्थेबंदियों ने उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। पिता नच्छतर सिंह को जब इस बारे में पता चला तो वह तुरंत गांव की पंचायत के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने कोई बात नहीं सुनी। बाद में परविंदर सिंह पंचायत के आश्वासन के बाद नीचे उतरा।

60 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ा, 10 घंटे तक दांव पर रही जिंदगी

4 of 6
पूछताछ करने पर पता चला कि परविंदर सिंह ने यह कदम पहले से सिख बंदियों की रिहाई की मांग पर संघर्ष कर रहे बापू सूरत सिंह खालसा की हालत को देखकर उठाया। उसका तर्क है कि बीते 138 दिन से संघर्ष कर रहे बापू सूरत सिंह खालसा की सुध लेने के लिए कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या फिर कोई नेता नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

60 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ा, 10 घंटे तक दांव पर रही जिंदगी

5 of 6
परिजनों का कहना है कि परविंदर सिंह मजदूरी करता है और वह बापू सूरत सिंह खालसा के साथ पहले भी कई बार संघर्ष में शामिल हो चुका है। वह बीते चार दिनों से घर से निकला हुआ था। रविवार शाम को वह गांव हसनपुर स्थित बापू सूरत सिंह खालसा से मुलाकात करने के लिए उनके घर पहुंचा। वहां पर बापू सूरत सिंह खालसा की हालत देखकर वह क्रोधित होकर वहां से निकल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

60 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ा, 10 घंटे तक दांव पर रही जिंदगी

6 of 6
नीचे उतरने के बाद परविंदर सिंह ने कहा कि बापू सूरत सिंह खालसा पिछले काफी समय से सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनकी तबीयत काफी खराब हो चुकी है। उसने कहा कि अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने के लिए उसने यह कदम उठाया है, ताकि सिख बंदियों की रिहाई के लिए कोई कदम उठाए जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें