जट सिख धर्म को त्याग मुस्लिम धर्म कबूला और 22 साल की युवती को दूसरी बीवी बनाकर अपनी 16 साल की बेटी के सामने ले आया तो हंगामा तय था। देखिए क्या हुआ?
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मुस्लिम धर्म अपनाया, जवां बेटी है पर 22 साल की बहू लाया
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मामला, फतेहाबाद जिले के भूना कस्बे का है। यहां बुवान कोठी में गुरविन्द्र पाल सिंह उर्फ गोरखा जब अपने घर करीब 22 वर्षीय नई दुल्हन लाया तो पहली पत्नी सुखविन्द्र कौर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके घर 40 गांवों के लोगों की महापंचायत हुई। पंचायत में मुस्लिम धर्म में अपनाई गई दूसरी पत्नी को घर से बेदखल करने का फरमान सुनाया गया।
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मुस्लिम धर्म अपनाया, जवां बेटी है पर 22 साल की बहू लाया
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गांव बुवान कोठी वासी गोरखा ने इस्लाम धर्म कबूल करके 26 अक्तूबर को युवती से शादी रचा ली तथा 27 अक्तूबर को फतेहाबाद में विवाह पंजीकरण भी करवा लिया था। दोनों ने पंजाब के मुनक मस्जिद में मौलवी के सामने सिख धर्म को छोड़कर निकाह कर लिया। इनमें गोरखा ने अपना नाम खुशी मुहम्मद रख लिया जबकि लड़की का नाम भी बदल गया।
मुस्लिम धर्म अपनाया, जवां बेटी है पर 22 साल की बहू लाया
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दोनों ने ही इस्लाम धर्म के नियमों के अनुसार निकाह भी कर लिया। मामले की सूचना गांव में पहुंची तो लोग हैरान रह गए। गोरखा ने जिस लड़की के साथ शादी की है उसकी आयु मात्र 22 वर्ष बताई जा रही है, जबकि गोरखा की आयु 39 साल से भी अधिक बताई जा रही है। वहीं गोरखा की पहली पत्नी ने बताया कि उसके लगभग 16 साल की बेटी व 14 साल के बेटे की उम्र है।
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भूना पुलिस ने खुशी मोहम्मद के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने पर दो महिलाओं सहित 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बीट इंचार्ज सुखदेव सिंह ने बताया कि इस्लाम धर्म कबूल करके दोनों ने निकाह किया है। कानूनी विशेषज्ञों की राय लेकर आगामी पुलिस कार्रवाई करेगी।
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बुवान कोठी के निवासी एवं टोहाना अनाज मंडी में आढ़ती गुरदेव सिंह के इकलौते बेटे गुरविन्द्र पाल सिंह ने अपनी पहली शादी टोहाना के गांव गोबिन्द पुरा निवासी सुखविन्द्र कौर पुत्री कश्मीर सिंह के साथ करीब 18 साल पहले की थी। शादी के बाद दंपति ने दो बच्चों को जन्म दिया। इनमें वर्तमान में एक लड़की 16 वर्ष व बेटा 14 वर्ष अपने घर बुवान कोठी में रहते हैं।